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विस चुनावः वार्ड पंच से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे शांता कुमार

Tue, 31 Oct 2017 12:58 PM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Tue, 31 Oct 2017 12:58 PM IST
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himachal assembly election shanta kumar became cm from ward member

ग्राम पंचायत के वार्ड पंच से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने वाले शांता कुमार प्रदेश के पहले मुख्ममंत्री हैं। शांता कुमार के अलावा प्रदेश में कोई अन्य मुख्यमंत्री ऐसा नहीं, जिन्होंने पंचायत चुनाव से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की हो। 

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साल 1963 में वह पालमपुर की साथ लगती गढ पंचायत में वार्ड पंच चुने गए। इसके बाद वह पंचायत समिति सदस्य और बाद में जिला परिषद कांगड़ा के उपाध्यक्ष पद पर काबिज हुए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल दोनों की प्रदेश की राजनीति में एंट्री लोकसभा चुनाव से हुई है। 
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जबकि स्वर्गीय डा. यशवंत सिंह परमार, ठाकुर रामलाल और ठाकुर कर्म सिंह सीधे विधानसभा का चुनाव लड़ मुख्यमंत्री की हॉट सीट तक पहुंचे हैं। डा. यशवंत सिंह परमार अगर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे तो शांता कुमार भी पंचायत से सफर शुरू कर राजनीति में प्रवेश करने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे। 
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हालांकि शांता कुमार दोनों बार मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। ठाकुर राम लाल, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल प्रदेश में दो-दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। जबकि डा. यशवंत सिंह परमार ने चार बार प्रदेश का नेतृत्व किया। वहीं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर छठी बार बैठने का इतिहास केवल वीरभद्र सिंह के नाम है।

डा. यशवंत सिंह परमार का मुख्यमंत्री का कार्यकाल

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4 अगस्त 1906 को सिरमौर जिला में जन्मे डा. यशवंत सिंह परमार मार्च 1952 को प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। वह दूसरी बार 1963 में मुख्यमंत्री चुने गए। इसके बाद 1967 और उसके बाद 1972 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने।

ठाकुर कर्म सिंह भी रहे मुख्यमंत्री
मंडी जिला की चचोट सीट से कई बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए ठाकुर कर्म सिंह 1957 में टेरिटोरियल काउंसिल के दौरान मुख्यमंत्री रहे हैं।

ठाकुर राम लाल

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7 जुलाई 1929 को शिमला के जुब्बल में जन्मे ठाकुर राम लाल 28 जनवरी 1977 से 30 अप्रैल 1977 तक मुख्यमंत्री रहे। वह फरवरी 1980 को दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने गए। उन्होंने 1962 में बतौर विधायक प्रदेश की राजनीति में एंट्री मारी।


इस दौरान रहे शांता कुमार मुख्यमंत्री
12 सितंबर 1934 को कांगड़ा जिला के पालमपुर में पैदा हुए शांता कुमार जून 1977 से 1980 तक पहली बार और मार्च 1990 से 1992 तक दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने गए। शांता कुमार ने 1963 में पालमपुर ब्लाक की गढ पंचायत से बतौर वार्ड पंच, उसके बार पंचायत समिति और फिर जिला परिषद उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए वर्ष 1972 में प्रदेश की राजनीति में कदम रखा। शांता कुमार वर्तमान में कांगड़ा से चार बार लोकसभा सांसद चुने गए और एक बार राज्य सभा से सांसद चुने गए। वह अटल बिहारी वाजेपयी की एनडीए सरकार में उपभोक्ता मामले मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री भी रहे।
 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल

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23 जून 1934 को शिमला के सराहन में राजा पदम सिंह के घर पैदा हुए वीरभद्र सिंह अप्रैल 1983 को पहली बार मुख्यमंत्री बने। वर्ष 2012 में वह छठी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने गए। वीरभद्र सिंह ने 1962 में लोकसभा चुनाव से प्रदेश की राजनीति में कदम रखा। वीरभद्र सिंह पांच बार लोकसभा सांसद और एक बार केंद्र में मंत्री भी रहे हैं।

प्रेम कुमार धूमल
हमीरपुर जिला के समीरपुर में 10 अप्रैल 1944 को जन्मे प्रो प्रेम कुमार धूमल 1998 में पहली बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने वर्ष  2008 में दूसरी बार प्रदेश की कमान संभाली। उन्होंने वर्ष 1989 में लोकसभा चुनाव के जरिए प्रदेश की राजनीति में प्रवेश किया। प्रेम कुमार धूमल दो बार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य रहे।

निचले हिमाचल से दो, उपरी से चार मुख्यमंत्री

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आजादी के बाद अगर राजनीति पर नजर दौड़ाई जाए तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान माननीयों के चौंकने वाले आंकड़े सामने आते हैं। उपरी हिमाचल से डा. यशवंत सिंह परमार, ठाकुर राम लाल, ठाकुर कर्म सिंह और वीरभद्र सिंह चार माननीय प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।

वहीं प्रदेश में सर्वाधिक विधायक होने के बावजूद कांगड़ा जिला से दो बार मुख्यमंत्री रहे शांता कुमार अपना दो बार मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। लोअर हिमाचल में शामिल हमीरपुर जिले से संबंध रखने वाले प्रेम कुमार धूमल ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने अपना दोनों बार का कार्यकाल पूरा किया।

प्रदेश में 12वीं विधानसभा तक के सफर में चार विधानसभा में बीजेपी को मुख्यमंत्री की कुर्सी नसीब हुई, जबकि आठ विधानसभा में कांग्रेस ने प्रदेश का नेतृत्व किया।

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