हिमाचल विस चुनावः छोटी काशी मंडी में देखने लायक है चुनावी संग्राम
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राजधानी शिमला से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूरी पर है मंडी जिला मुख्यालय। छोटी काशी के नाम से भी इस शहर को जाना जाता है। यहां चुनावी बिसात बिछी हुई है। प्रदेश की राजनीति के बडे़ शतरंजबाज अपने मोहरों को यहां वहां फिट कर रहे हैं।
चुनौतियां सबके सामने हैं। राह किसी की भी आसान नहीं है। चाहे अपनी सियासत बरकरार रखने को बेकरार वीरभद्र सरकार के वजीर या अन्य कांग्रेस प्रत्याशी हों या सत्ता में आने को व्यग्र भाजपा के नए पुराने दिग्गज।
अमर उजाला के प्रतिनिधि ने शिमला से मंडी की राह पर चलकर शुक्रवार को चुनावी माहौल का जायजा लिया। शिमला से मंडी की राह पकड़ी जाए तो सुंदरनगर पहला निर्वाचन क्षेत्र है जो बिलासपुर की सीमा खत्म होते ही शुरू होता है।
यहां फोरलेन में बदली जा रही सड़क के किनारे एक ढाबा है। इस ढाबे में कुछ लोग चाय की चुस्कियों के साथ चुनाव पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें से एक शख्स कहता है मोदी की सुंदरनगर में रैली है। देखते हैं क्या होता है।
क्या बोले वोटर
भाजपा प्रत्याशी राकेश कुमार जमवाल के खिलाफ पिछली बार बागी खड़े पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर को अबकी बार बैठाया जा चुका है। भाजपा अगर एकजुट हो गई तो जमवाल सिटिंग एमएलए सोहन लाल को टक्कर दे सकते हैं। एक दूसरे शख्स बोले.. . नहीं...नहीं सोहन लाल ने बहुत काम किए हैं।
उनकी अच्छी पैठ है। इसीलिए ही मोदी को यहां नए प्रत्याशी के लिए आना पड़ा। दोनों इस नतीजे पर पहुंच गए कि दोनों में कड़ा मुकाबला है। यहां पर साथ लगते बल्ह निर्वाचन क्षेत्र के निवासी सरवण भी इसी ढाबे पर चाय पी रहे हैं। उनसे पूछा गया तो बोले .. आरक्षित सीट बल्ह में जाति समीकरणों से ही हार और जीत तय होती है।
दोनों पार्टियों के प्रत्याशी अनुसूचित जाति में भी अलग.अलग उपजातियों को साधते हुए चुनाव रण में भिडे़ हैं। मंत्री प्रकाश चौैधरी जिस उपजाति से हैं। इंद्र सिंह गांधी उससे अलग उपजाति से हैं। अन्य जातियों के वोट भी मायने रखेंगे। कुल मिलाकर यहां भी कड़ी टक्कर है।
इन लोगों की चर्चा नाचन सीट पर पहुंच गई। यहां भी भाजपा के सिटिंग विधायक विनोद कुमार और कांग्रेस के लाल सिंह कौशल में कड़ी स्पर्धा होने की बात की गई। पूर्व विधायक टेकचंद डोगरा का टिकट काटकर इस बार कांग्रेस ने लाल सिंह कौशल को दिया है।
इन्होंने ये कहा
चाय की चुस्कियों के बीच चर्चा हुई कि विनोद ऊपर के नाचन से हैं तो लाल सिंह कौशल निचले नाचन से हैं। पिछली बार के कांग्रेस प्रत्याशी टेेकचंद डोगरा भी निचले नाचन से हैं।
इस ढाबे से आगे बढ़ने के बाद मंडी सदर पहुंचकर जब नाचन सीट पर कुछ लोगों से बात की गई तो मालूम हुआ कि डोगरा साहब का सपोर्ट ही लाल सिंह कौशल को इस बार है ही। हम ऐसा मानकर चल रहे हैं। ऐसे में कौशल विनोद कुमार की टक्कर में खडे़ हैं।
विनोद पिछली बार भाजपा के नए उम्मीदवार थे। फिर मंडी सदर पहुंचे तो यहां भी अलग-अलग मत नजर आए। कोई पंडित सुखराम के बेटे और वीरभद्र सरकार के मंत्री रहे अनिल शर्मा के भाजपा में जाने का असर आसपास की सीटों पर भी कांग्रेस के विरुद्ध देख रहा है तो कोई मंत्री कौल सिंह ठाकुर की पुत्री चंपा ठाकुर को उनके कैरियर के लिए खतरा मान रहा है।