विस चुनाव: आचार संहिता से पहले विदा होंगे कई आईएएस अधिकारी
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प्रदेश में आचार संहिता लगने से पहले प्रशासनिक अधिकारियों का टोटा पड़ सकता है। प्रदेश में पहले से ही आईएएस अधिकारियों की कमी है। कई छुट्टी पर तो कुछ ट्रेनिंग के नाम पर प्रदेश से बाहर चल रहे हैं। हाल में जीएडी सचिव अनुराधा ठाकुर और अब अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद मेहता की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है।
साथ ही दोनों ही अफसरों को जल्द से जल्द रिलीव करने के लिए भी पत्र लिख दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अक्तूबर के पहले हफ्ते में दोनों ही अधिकारियों को प्रदेश सरकार रिलीव कर देगी। दरअसल, 3 अक्तूबर को बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स के उद्घाटन के लिए पहुंच रहे हैं।
इस दौरान कई अन्य सरकारी आयोजन भी होने हैं, जिन्हें कराने में प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग को केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल रखना होता है। चूंकि अनुराधा ठाकुर वर्तमान में सचिव सामान्य प्रशासन भी हैं, ऐसे में मोदी के हिमाचल दौरे के बाद ही उनका रिलीव होना संभावित है। वहीं, कृषि विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे एसीएस अरविंद मेहता भी बुधवार तक रिलीव हो सकते हैं।
सरकार की बढ़ेंगी मुश्किलें
प्रदेश में पहले से ही कई अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके अलावा कई ऐसे अफसर हैं जो विभिन्न ट्रेनिंग के लिए प्रदेश से बाहर हैं। जो अफसर प्रदेश में हैं उनपर पहले से ही कई-कई महकमों की जिम्मेदारी है।
ऐसे में अब दोनों अफसरों के जाने से मौजूदा अफसरों पर कृषि, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य और सामान्य प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण महकमों का बोझ बढ़ जाएगा।
अभी और हैं कतार में
शासन के सूत्रों की मानें तो अभी कई अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की कतार में है। करीब आधा दर्जन अफसरों ने केंद्र में विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर रखा है।
उनमें से कुछ के जल्द ही केंद्र में सचिव बनने की संभावना हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कई और अफसर केंद्र की ओर रुख कर सकते हैं।