हिमाचल चुनाव: वीरभद्र ने लिया था ये फैसला, अब नई सरकार में ही मिलेगा लाभ
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वीरभद्र सरकार की ओर से विधानसभा चुनावों से एन पहले पेट्रोल-डीजल पर एक प्रतिशत वैट कम करने के चुनावी फैसले का लाभ अब नई सरकार बनने के बाद ही मिलेगा। स्वत: संज्ञान के तहत कैबिनेट बैठक के दौरान लिए गए इस फैसले का नतीजा यह रहा कि चुनावों के दौरान इस फैसले को न तो लागू किया जा सका और न ही इसका लाभ मिल पाया।
अब चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद विभाग वैट कम करने की अधिसूचना जारी करेगा और उसके बाद लोगों को पेट्रोल और डीजल में कुछ राहत मिल सकेगी। वीरभद्र सिंह सरकार ने 10 अक्तूबर को कैबिनेट बैठक कर प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट एक प्रतिशत कम करने का फैसला ले लिया।
चूंकि सरकार ने कैबिनेट में खुद यह फैसला लेकर विभाग को इसपर काम करने को कहा लेकिन, कैबिनेट बैठक के निर्णय विभाग तक पहुंचने से पहले ही सूबे में आचार संहिता लागू हो गई। विभाग ने फिर भी वैट में छूट के निर्णय को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की।
वीरभद्र कैबिनेट ने बिना विभाग से प्रस्ताव मंगाए लिया था फैसला
लेकिन, बिना विभागीय प्रपोजल के हुए निर्णय के चलते फैसले को सबसे पहले विधि और वित्त विभाग के पास भेजा गया। इसके बाद वहां से मंजूरी मिलने पर विभाग ने अपने स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अधिसूचना जारी करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी।
इस बार के चुनावों में बेहद कम समय रखा गया था, ऐसे में आयोग को मंजूरी देने में समय लग गया। हाल ही में आयोग ने अधिसूचना जारी करने के लिए अनुमति दे दी लेकिन, अनुमति मिलने के बाद भी विभाग अधिसूचना जारी नहीं कर पाया।
विभागीय अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि अधिसूचना जारी करने से कम से कम दस दिन पहले पब्लिक नोटिस जारी करना अनिवार्य होता है।
ऐसे में इस समयावधि के पूरा होने के बाद ही अधिसूचना जारी हो सकेगी। खास बात यह है कि करीब 20 दिसंबर के बाद यह अवधि पूरी होगी। लिहाजा पिछली सरकार की ओर से लिए गए लोक लुभावन फैसले का लाभ नई सरकार के राज में ही मिलने की संभावना है।