अली खड्ड विवाद और सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट
सरकार की ओर से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन को बताया कि अर्की विधानसभा की 8 पंचायतों और दाड़लाघाट के 71 गांवों के लिए नवगांव खड्ड के बाएं छोर से पेयजल योजना बनाई जा रही है।
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अली खड्ड पानी विवाद मामले में सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने शुक्रवार को सदन से वाकआउट कर दिया। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के नियम-62 के तहत लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भाजपा और कांग्रेस विधायक दल में जमकर नोकझोंक हुई। सरकार की ओर से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन को बताया कि अर्की विधानसभा की 8 पंचायतों और दाड़लाघाट के 71 गांवों के लिए नवगांव खड्ड के बाएं छोर से पेयजल योजना बनाई जा रही है।
योजना का निर्माण स्थल जिला सोलन की सीमा के भीतर है। इस पर अब तक करीब एक करोड़ आठ लाख खर्च हो चुके हैं। इसकी अनुमानित लागत 5.92 करोड़ रुपये है। अली खड्ड के साथ लगते गांवों के लोग यह कहकर निर्माण कार्य में बाधा पैदा कर रहे हैं कि यह योजना अंबुजा सीमेंट कंपनी के लिए बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों के एतराज के बाद उपमुख्यमंत्री के आदेशों पर जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी।
कमेटी ने रिपोर्ट में बताया कि इस योजना से अन्य स्कीमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया। योजना में अली खड्ड से बहुत कम पानी उठाया जाना है, जिससे अन्य योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी। इस बीच सीपीएस संजय अवस्थी और रणधीर शर्मा के बीच बहस हुई। रणधीर शर्मा ने जन प्रतिनिधियों पर हुए लाठीचार्ज की जांच की मांग उठाई। सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी तो रणधीर शर्मा ने कहा कि बोलने का मौका नहीं दे रहे। इसके बाद असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में हंगामा, वाकआउट
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दो दिन से चल रही चर्चा के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के जवाब पर विपक्ष ने सदन में नारेबाजी कर वाकआउट कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आपदा पर सदन में गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल को करोड़ों रुपये दिए, राज्यपाल के अभिभाषण पर इसका जिक्र तक नहीं किया। इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और भाजपा के वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। विपिन सिंह परमार ने कहा कि आपदा पर लोगों को पैसा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में केंद्र की 90 फीसदी योजनाओं को शामिल किया है। सरकार ने इसका धन्यवाद तक नहीं किया। इसको लेकर मुख्यमंत्री और परमार के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
विनियोग विधेयक 2024 ध्वनिमत से पारित
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2024 सदन में रखा। विधेयक के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों से सदन को अवगत करवाया। सदन में सत्ता पक्ष के ध्वनिमत से हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2024 पारित हो गया।
सदन में फाइलें निपटाते रहे मुख्यमंत्रीशुक्रवार को मुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही में भाग लेने के साथ जरूरी फाइलें भी निपटाते रहे। एक-एक कर मंत्री और विधायक भी अपनी फाइलों पर मुख्यमंत्री से हस्ताक्षर करवाते रहे। उन्होंने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और प्रधान सचिव आरडी नजीम भी इस दौरान अधिकारियों की दीर्घा में मौजूद रहे।
व्यवस्था परिवर्तन के तहत पेश अभिभाषण नीरस : सत्ती
विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से राज्यपाल से जो अभिभाषण पढ़ाया गया, वह नीरस है। उन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने पर सभी को बधाई दी। कहा कि लोकनिर्माण मंत्री भी वहां गए। उन्होंने कांग्रेस की गारंटियों का हवाला देते हुए कहा कि जनता को भड़काने वाले जब फंसते है तो बहुत दिक्कत होती है। महिलाओं को 1500 देने का वायदा कोरा साबित हुआ है।
आपदा पर विपक्ष खामोश : बुटेल
कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय की सराहना की। कहा कि बरसात में एक बहुत बड़ी आपदा आई। 500 लोगों की जानें गईं। सदन में प्रस्ताव लाया गया कि इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाए, लेकिन विपक्ष इस प्रस्ताव पर खामोश बैठा रहा। आपदा पर केंद्र से सहयोग नहीं मिला।
लोग सड़कों पर, यह है व्यवस्था परिवर्तन : बिक्रम
भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की हर बात व्यवस्था परिवर्तन से शुरू होती है। कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, यह सरकार का व्यवस्था परिवर्तन है। नई भर्तियां बंद हैं, परिणाम लंबित हैं। वाटर सेस के निर्णय सरकार पर उलटा असर पड़ा है। सुक्खू सरकार ने जल मिशन कार्यालय बनाया, इसमें ढाई करोड़ रुपये खर्च कर दिए। प्रदेश से उद्योग किनारा कर रहे हैं।
प्रदेश में हर व्यक्ति का ध्यान : केवल
कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि आपदा में बेहतर कार्य के लिए देशभर में मुख्यमंत्री की सराहना हुई है। लोक अदालत लगाई। दूध के दाम में एकमुश्त 6 रुपये की वृद्धि हुई। पूर्व सरकार अच्छा प्रशासन देती तो आज विपक्ष में नहीं होती। सरकार को आए अभी केवल 14 माह हुए हैं। मुख्यमंत्री की मंशा ठीक है। मुफ्त में बिजली, पानी और मुफ्त में पानी देकर उद्योग लाकर क्या होगा। मुख्यमंत्री साफ कर चुके है कि प्रदेश के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
हिमकेयर योजना जनता के लिए लाभकारी : राणा
कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमकेयर योजना गरीबों के लिए अच्छी है। इलाज मुफ्त होता है। ऐसे में लंबित राशि जारी होनी चाहिए। उन्होंने लंबित भर्ती परीक्षा परिणाम निकालने की भी बात कही। सुखाश्रय योजना स्वागत योग्य है। उन्होंने राजीव गांधी दे बोर्डिंग स्कूल के निर्णय को भी सराहा। राणा ने कहा कि पावर प्रोजेक्ट पाॅलिसी में धीरे-धीरे रुचि कम हो रही है, ऐसे में सरकार को इस बारे में देखना होगा। उन्होंने कहा कि सुजानपुर में अस्पताल भवन निर्माण और अन्य कार्य जल्द किए जाए।
सरकार ने जो काम किया उसकी चर्चा हो : रणधीर
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि अधिकारियों का कक्ष में न होना चिंता का विषय है। अभिभाषण में केंद्रीय योजनाओं का उल्लेख है। सरकार ने जो काम किए, उसकी चर्चा होनी चाहिए थी। राज्यपाल के अभिभाषण में इसका जिक्र नहीं है। सबसे बड़ा काम सरकार ने एक हजार संस्थान को बंद करने का किया। कर्मचारियों को डीए और एरियर नही दिया।