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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal assembly budget session: Sukhu said will continue the scheme in the name of Atal, will not stop Himc

हिमाचल विधानसभा बजट सत्र: सुक्खू बोले- अटल के नाम से योजना चालू रखेंगे, हिमकेयर को बंद नहीं करेंगे

Mon, 20 Mar 2023 09:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 20 Mar 2023 09:56 PM IST
सार

सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल के नाम से योजना चालू रखेंगे। हिमकेयर, सहारा योजना बजट स्पीच का हिस्सा नहीं होती। उन्होंने उन स्कीमों को बंद नहीं किया। 

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Himachal assembly budget session: Sukhu said  will continue the scheme in the name of Atal, will not stop Himc
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल के नाम से योजना चालू रखेंगे। हिमकेयर, सहारा योजना बजट स्पीच का हिस्सा नहीं होती। उन्होंने उन स्कीमों को बंद नहीं किया। हिमकेयर और सहारा और जनहित की कोई योजना बंद नहीं करेंगे, बल्कि इनमें सुधार करेंगे। पूर्व सीएम बार-बार कहते हैं कि पता नहीं सरकार कब तक के लिए। हम पांच साल रहेंगे। हम सत्ता सुख नहीं व्यवस्था परिवर्तन को आए हैं। 

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मल्टीपर्पस वर्कर को प्रतिमाह दिया जा रहा 3900 रुपये का मानदेय
 उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार मल्टीपर्पस वर्कर को 3900 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। इनका मानदेय बढ़ाने व नियमित करने का प्रश्न है यह सरकार का नीतिगत मामला है। उन्होंने यह जानकारी करसोग के विधायक दीप राज की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि इन वर्करों को बेलदार के पद पर पदारोहण करने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन किए जाने का मामला सरकार के विचाराधीन है।
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ये भी पढ़ें: बजट सत्र: जयराम ठाकुर बोले- पता नहीं यह सरकार कब तक चलेगी, लोगों के सामने पेश कर रही गलत तथ्य
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कांगड़ा में पौंग विस्थापितों का फिर होगा विस्थापन
कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के कुछ पौंग विस्थापित परिवारों का शिमला-धर्मशाला फोरलेन के चलते दूसरी बार विस्थापन होगा। भाजपा विधायक पवन काजल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह ने बताया कि विस्थापितों के पुनर्वास के लिए नेशनल हाईवे अधिनियम 1956 के तहत उचित कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। 

भारत सरकार ने की है क्लस्टर विकास नए कार्यक्रम की घोषणा
 बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण ने बागवानी क्लस्टर विकास के लिए वर्ष 2022-23 में एक नए कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पहचान किए गए बागवानों समूहों के समग्र विकास को हासिल करना है। उन्होंने यह जानकारी विधायक दलीप ठाकुर की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि देशभर में 53 बागवानी समूहों की पहचान की है। इसमें 12 को क्लस्टर विकास कार्यक्रम के पायलट लांच के लिए चूना है। इसमें सेब की फसल के लिए जिला किन्नौर को 50 करोड़ के बजट परिव्यय के साथ संभावित क्लस्टर के रूप में पहचाना गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में नहीं बना रही है।

प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेजों में पैट स्कैन सुविधा उपलब्ध कराने से पहले सरकार ने सर्वे कराया: सुक्खू

 सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से बजट पर चर्चा के दौरान उठाए सवाल पर सदन में स्थिति स्पष्ट की। कहा कि मरीजों के ऑपरेशन के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए रोबोटिक सर्जरी जरूरी है। वह जब खुद बीमार थे तो उनकी भी रोबोटिक सर्जरी की गई थी। प्रदेश में मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सरकार लोगों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पैट स्कैन के लिए पहले जमीन खरीदने के लिए बजट में 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेजों में पैट स्कैन सुविधा उपलब्ध कराने से पहले सरकार ने सर्वे कराया है।

पैट स्कैन सुविधा महज 50 करोड़ से उपलब्ध नहीं हो सकती
भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि पैट स्कैन सुविधा महज 50 करोड़ से उपलब्ध नहीं हो सकती। स्वास्थ्य सेवा के लिए पहले बुनियादी ढांचा तैयार करना जरूरी है। आईजीएमसी में सर्जनों की कमी नहीं है। एक डाॅक्टर एक दिन में सिर्फ एक ऑपरेशन कर पाते हैं। प्रदेश में करीब 2400 डाॅक्टर हैं, लेकिन यह संख्या विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड से काफी कम है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पहले जिला स्तर के अस्पतालों में बुनियादी सेवाएं उपलब्ध करवाना जरूरी है। रोबोटिक सर्जरी के लिए पहले ढांचागत सुविधा जरूरी है। विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि विपक्ष बजट का विरोध कर सिर्फ औपचारिकताएं निभा रहा है। सरकार ने कांग्रेस की दस गारंटियों का प्रावधान बजट में किया है। भाजपा ने सत्ता पर रहते अपने दृष्टिपत्र पर दृष्टि तक नहीं डाली थी। सुखराम चौधरी ने कहा कि बजट में प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक करने के लिए कुछ नहीं है। सिरमौर में उद्योगों को नए बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहे। भाजपा ने सत्ता पर आते ही पूर्व कांग्रेस सरकार के खोले काॅलेजों को जनहित में बंद नहीं किया था। 16000 पशु सड़कों पर हैं। यह किसान विरोधी सरकार है। बजट पर चर्चा में भवानी सिंह, बलबीर वर्मा, चैतन्य शर्मा, प्रकाश राणा, देवेंद्र भुट्टो और सुदर्शन बबलू ने भी हिस्सा लिया।

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