{"_id":"604f580d8ebc3ed82f3cdf6f","slug":"himachal-assembly-budget-session-after-the-approval-of-the-governor-mc-act-laid-on-the-table-of-the-vidhansabha","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल बजट सत्र: चुनाव के चलते एक सप्ताह में ही एक्ट बन गया एमसी संशोधन विधेयक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल बजट सत्र: चुनाव के चलते एक सप्ताह में ही एक्ट बन गया एमसी संशोधन विधेयक
Mon, 15 Mar 2021 06:20 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 15 Mar 2021 06:20 PM IST
सार
- हिमाचल विधानसभा बजट सत्र
- एमसी संशोधन विधेयक विधानसभा पटल पर रखा
- अब नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिह्न पर भी हो सकेंगे
विज्ञापन
नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक चुनाव के चलते एक सप्ताह में ही एक्ट बन गया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद सोमवार को इस एक्ट को पटल पर रखा गया। एक्ट के मुताबिक अब नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिह्न पर भी हो सकेंगे। आधे के बजाय अब तीन चौथाई सदस्य ही मेयर या डिप्टी मेयर के खिलाफ आरोप प्रस्ताव ला सकेंगे। हिमाचल के धर्मशाला, मंडी, पालमपुर और सोलन में नगर निगम चुनाव होना है। चुनाव आयोग की ओर से चुनाव तिथि निर्धारित की गई है। अब पार्टी नेता टिकट आवंटन करने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
यह है एक्ट में
- नगर निगम के चुनाव पार्टी चिह्न या बगैर चिह्न दोनों तरह से हो सकते हैं
- पार्टी चिह्न पर चुनाव जीतने के बाद दल बदला तो अयोग्य घोषित होंगे। ऐसे मामले पर फैसला लेने के लिए डीसी से ऊपर के पद का अधिकारी नियुक्त होगा
- मेयर और डिप्टी मेयर को अब आधे के बजाय तीन चौथाई सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाकर बदल सकेंगे
- मेयर का पद अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी के लिए रोटेशन या लॉट्स से आरक्षित होगा
- आईएएस के रूप मेें सात-सात और अन्य अधिकारी के तौर पर नौ साल सेवाएं देने वाला अफसर ही नगर निगम का आयुक्त होगा
- सहकारी सभाओं के डिफाल्टर नगर निगम के पार्षदों के चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
विज्ञापन