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हिमाचल विधानसभा: विरोध के बीच विधेयक पारित, नगर निकाय गठन के दो साल के भीतर करवा सकेंगे चुनाव
Fri, 29 Aug 2025 12:08 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:08 PM IST
सार
प्रदेश में नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव इनके गठन के दो साल तक टाले जा सकेंगे।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
सदन में विपक्ष के जोरदार विरोध के बाद शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश नगरपालिका संशोधन विधेयक 2025 और हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिए गए। भाजपा विधायकों ने नगरपालिका संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है। चुनाव तय समय में होने चाहिएं। वहीं, सरकार का तर्क है कि बुनियादी ढांचे की कमी की वजह से तत्काल चुनाव संभव नहीं है। इन विधेयकों में यह व्यवस्था की गई है कि नगर निगमों और अन्य नगर निकायों के चुनाव उनके गठन के दो साल के भीतर करवाए जा सकेंगे। सरकार इस प्रावधान को ऑर्डिनेंस लाकर पहले ही लागू कर चुकी है। अभी तक छह माह के भीतर करवाने की व्यवस्था रही है।
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सदन में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के उपस्थित न होने पर उनके स्थान पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इन दोनों विधेयकों को पारित करने का प्रस्ताव रखा। चर्चा में भाग लेते हुए नयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि नगरपालिका के चुनाव जो छह महीने में करवाने होते थे, उसके लिए ऑर्डिनेंस लाकर दो साल के अंदर चुनाव करवाने का प्रस्ताव दिया गया है। सरकार चुनाव से भागने की तैयारी में है। बड़सर के भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि लोगों को बेवजह नगर निकायों में झोंक दिया गया और कह रहे हैं कि चुनाव नहीं करवाए जाएंगे। पंचायतों में जो काम होने थे, वे नहीं हो रहे हैं। उन्हें मालूम ही नहीं हो रहा है कि एमएलए लैड को कैसे खर्च किया जाए। एमपी लैड को कैसे खर्च करें। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक पारित न हो।
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सुंदरनगर के भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की आत्मा हैं। अगर इन नगर पंचायतों और नगर परिषदों में व्यवस्था नहीं थी तो इन्हें क्याें बनाया। विधेयक वापस लिए जाएं। सरकार के पास प्रावधान नहीं है तो इन संस्थानों को डिनोटिफाई किया जाए। बिलासपुर के भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि जब निर्वाचन आयोग चुनाव चाह रहा है तो सरकार क्यों नहीं करवा रही है। इस संशोधन को विदड्रा करना चाहिए। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि आने वाले समय में लोगों को टैक्स लगेंगे। हम चुनाव लड़ने को तैयार हैं। चुनाव होंगे तो तभी काम होगा।
सरकाघाट के भाजपा विधायक दलीप ठाकुर ने भी कहा कि गांव के क्षेत्र में नगर पंचायत बनाना सही नहीं है। उनके क्षेत्र में भी किसानों का कहना है कि वे नगर पंचायत में नहीं जाना चाहते हैं। पर अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। बल्ह के भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि नगर निगम मंडी के कुछ वार्डों को पंचायत में दोबारा शामिल करने की मांग उठी है। वहां काम नहीं हो रहे हैं। इन्हें पंचायत में शामिल किया जाए। हमीरपुर के भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जल्द से जल्द हमीरपुर में चुनाव करवाएं, जिससे वहां पर आयुक्त बैठें। इससे सरकार को वास्तविकता भी पता चलेगी। लोकतंत्र का गला न घोटा जाए। चुराह के भाजपा विधायक हंस राज ने भी संशोधन का विरोध किया।