हिमाचल में वर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा से 10 गीगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन का लक्ष्य
सेमीनार में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, एसोचैम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल, उत्तरी क्षेत्र विकास परिषद के अध्यक्ष एएस मित्तल एसोचैम के महासचिव दीपक सूद, उत्तरी क्षेत्र विकास परिषद के सह अध्यक्ष सुमित कोचर और प्राइमस पार्टनर्ज के अध्यक्ष देविंद्र सिंह ने भी हिस्सा लिया।
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उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा से 10 गीगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन करने के उद्देश्य से स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति और पॉवर विजन दस्तावेज 2030 पर विचार किया जा रहा है। शुक्रवार को एसोचैम के उत्तर भारत में सार्वजनिक निजी भागीदारी में सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने की क्षमता विषय पर वर्चुअल माध्यम से आयोजित सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।सेमीनार में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, एसोचैम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल, उत्तरी क्षेत्र विकास परिषद के अध्यक्ष एएस मित्तल एसोचैम के महासचिव दीपक सूद, उत्तरी क्षेत्र विकास परिषद के सह अध्यक्ष सुमित कोचर और प्राइमस पार्टनर्ज के अध्यक्ष देविंद्र सिंह ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में दवा उद्योग के विकास के लिए केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए बल्क ड्रग फार्मा पार्क को मंजूरी देने के लिए आग्रह किया है। प्रदेश में सरकार ने मेगा फूड पार्कों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इससे प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने में निवेश के अवसर प्राप्त होंगे। फसल क्षति को कम करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री सिंह ने कहा कि देश में सार्वजनिक-निजी भागीदारी ने विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं के त्वरित और लागत प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करने में मदद की है। निजी क्षेत्र उत्तरी राज्यों को सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों जैसे क्षमता निर्माण, गुणवत्तापूर्ण किफायती स्वास्थ्य देखभाल, स्थिरता, बुनियादी ढांचे के विकास आदि को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोरोना महामारी के संकटकाल के दृष्टिगत, अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए निजी क्षेत्र का निवेश महत्वपूर्ण हो गया है।