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हिमाचल: 20 साल तक के 14 फीसदी युवाओं को लग रही शराब पीने की लत, अध्ययन में हुआ खुलासा

Mon, 20 Jan 2025 10:03 AM IST
Krishan Singh सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 20 Jan 2025 10:03 AM IST
सार

प्रदेश में शराब का सेवन आम होता जा रहा है। प्रदेश में 14 फीसदी युवा ऐसे हैं, जिन्हें 20 साल तक की उम्र में ही शराब पीने की लत लग रही है।

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Himachal: 14 percent of youth up to 20 years of age are addicted to alcohol, study revealed
शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में शराब का सेवन आम होता जा रहा है। प्रदेश में 14 फीसदी युवा ऐसे हैं, जिन्हें 20 साल तक की उम्र में ही शराब पीने की लत लग रही है। 31 से 40 तक की उम्र के 48 फीसदी लोग शराब के नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं और 38 फीसदी लोग 51 साल की उम्र में शराब पीना शुरू कर रहे हैं। जो इसके आदी हो जाते हैं, उनकी याददाश्त कमजोर हो रही है और हाथों में कंपकंपी होने लगती है। यह खुलासा इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला में 44 अल्कोहलिक यूज डिसऑर्डर मरीजों पर किए अध्ययन से हुआ है।

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आईजीएमसी शिमला के डाॅक्टरों ने किया शोध
आईजीएमसी के फिजियोलॉजी विभाग के डॉ. दलीप शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता पदम, डॉ. युवराज घारु, मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश दत्त शर्मा और न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा ने यह अध्ययन किया है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि शराब दिल और दिमाग के लिए तो धीमा जहर है ही, इसके अधिक सेवन से लिवर और फूड पाइप के कैंसर का भी खतरा बन रहा है। अध्ययन में 44 पुरुष (20 से 60 वर्ष) इलाज के लिए अस्पताल आए। इनमें उन 28 पुरुषों को शराब की लत थी, जिन्हें परिवार और रिश्तेदार उपचार के लिए लाए।

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अध्ययन में ये सामने आया
वहीं 16 पुरुष स्वयं आए। इलाज करवाने आए 44 में से 37 लोग ग्रामीण हल्कों से हैं। जब इन पर अध्ययन किया गया तो सामने आया कि शराब के आदी लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में दिमाग में काफी असर पड़ा है। शराब के आदी लोगों की याददाश्त कम हुई। वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से नहीं कर पाए। रिस्पांस टाइम भी बेहतर नहीं रहा। इनमें शुगर और तनाव देखने को मिला। चिकित्सकों ने इनके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकाले, जिससे उन्हें दोबारा लत न लगे। डॉक्टरों का यह अध्ययन इंडियन जनरल ऑफ एप्लाइड रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।

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59 फीसदी ने साथियों के दबाव में आकर शराब पीना शुरू की, पिछले दो दशक में पूरे विश्व में बढ़ा शराब का सेवन
अध्ययन के अनुसार 59 फीसदी लोगों ने साथियों के दबाव में आकर शराब पीना शुरू की। 25 फीसदी लोगों को जिज्ञासा थी कि शराब पीने से क्या होगा। वहीं 7 फीसदी किसी न किसी दुख में और 9 फीसदी बेरोजगारी से परेशान होकर शराब पीने लगे। डॉक्टर दलीप शर्मा ने बताया कि 20 सालों में पूरे विश्व में शराब का सेवन बढ़ा है। इसमें विकसित देश भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारत में 2.7 करोड़ लोग शराब के आदी हैं, जिन्हें सुबह उठकर शराब चाहिए होती है। वे इसे न पीयें तो कंपकंपी और दौरे तक पड़ जाते हैं। इसके अलावा विटामिन की कमी भी हो जाती है। अधिक शराब के सेवन से पैंक्रियाज समेत शरीर के अन्य अंग प्रभावित होते हैं। इस वजह से ऐसे लोगों को चोट लगने का खतरा अधिक रहता है।

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