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Shimla News: हिम संगीत उत्सव शुरू, कथक और शास्त्रीय संगीत से गूंजा गेयटी
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पांच दिन तक चलेगा उत्सव, 10 कलाकार देंगे प्रस्तुति
गायक गुंजन चन्ना ने दी शास्त्रीय गायन की प्रस्तुतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में मंगलवार को हिम संगीत उत्सव का आगाज हुआ। कार्यक्रम के आगाज पर कलाकारों ने कथक नृत्य और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां दीं। उत्सव पांच दिन तक चलेगा।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और भाषा एवं संस्कृति विभाग सहित गेयटी ड्रामेटिक सोसायटी शिमला के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस उत्सव का शुभारंभ उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक मोहम्मद फुरकान खान ने शाम 5:30 बजे किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के युवा शास्त्रीय गायक गुंजन चन्ना ने शास्त्रीय गायन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसमें हिमाचली होली की प्रस्तुति ने श्रोताओं की खूब प्रशंसा पाई। इन्हें ऑल इंडिया रेडियो (एयर) में ए-ग्रेड वोकल आर्टिस्ट तथा वायलिन में बी-ग्रेड का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय युवा उत्सवों में स्वर्ण पदक जीता था।
उन्होंने विख्यात संगीताचार्य डा. जगमोहन शर्मा से शास्त्रीय संगीत का गहन अध्ययन किया है। इसके बाद शाम 6:10 बजे कथक नृत्य की प्रस्तुति में कथक नृतक नितिन स्वाति जोकि प्रसिद्ध नर्तक अवल सलूजा के शिष्य हैं ने अपनी कथक नृत्य की मुद्राओं से दर्शकों को अपनी साधना का परिचय दिया। नितिन राइसीज ग्रुप से जुड़े हैं और उन्होंने पांच बार अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर में कथक नृत्य स्पर्धा जीती।
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नितिन एंड ग्रुप ने कृष्ण भजन कथक फ्यूजन की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन मोहिता दीक्षित ने किया। इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक भानु गुप्ता, उपनिदेशक निष्पादन एवं ललित कला बिहारी लाल शर्मा, सहायक निदेशक एनजेडसीसी रवींद्र शर्मा, सहायक निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग सुरेश कुमार, मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर, सहायक निदेशक अनिल हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल, सांस्कृतिक आयोजक जसविंदर सिंह दलीप शर्मा और शुभम ठाकुर सहित सैकड़ों दर्शक उपस्थित रहे।
उत्सव में यह कार्यक्रम होंगे
हिम संगीत उत्सव में संगीत और सुगम संगीत सहित गजल तथा लोक संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। इसमें 11 मार्च को दीपक मेहता शास्त्रीय सुगम संगीत, चारु शर्मा लोक सुगम संगीत और धर्मपाल ठाकुर की लोकगीतों की प्रस्तुति होगी। इसके बाद 12 मार्च को मलिक अली एंड ग्रुप सूफियाना कलाम पेश करेंगे, 13 मार्च को निजामी ब्रदर्स का कव्वाली गायन होगा और 14 मार्च को गुलजार हुसैन द्वारा बांसुरी वादन और संतोष नायर एंड ग्रुप की ओर से समकालीन संगीत और नृत्य की प्रस्तुति होंगी।
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गायक गुंजन चन्ना ने दी शास्त्रीय गायन की प्रस्तुतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में मंगलवार को हिम संगीत उत्सव का आगाज हुआ। कार्यक्रम के आगाज पर कलाकारों ने कथक नृत्य और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां दीं। उत्सव पांच दिन तक चलेगा।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और भाषा एवं संस्कृति विभाग सहित गेयटी ड्रामेटिक सोसायटी शिमला के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस उत्सव का शुभारंभ उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक मोहम्मद फुरकान खान ने शाम 5:30 बजे किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के युवा शास्त्रीय गायक गुंजन चन्ना ने शास्त्रीय गायन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसमें हिमाचली होली की प्रस्तुति ने श्रोताओं की खूब प्रशंसा पाई। इन्हें ऑल इंडिया रेडियो (एयर) में ए-ग्रेड वोकल आर्टिस्ट तथा वायलिन में बी-ग्रेड का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय युवा उत्सवों में स्वर्ण पदक जीता था।
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उन्होंने विख्यात संगीताचार्य डा. जगमोहन शर्मा से शास्त्रीय संगीत का गहन अध्ययन किया है। इसके बाद शाम 6:10 बजे कथक नृत्य की प्रस्तुति में कथक नृतक नितिन स्वाति जोकि प्रसिद्ध नर्तक अवल सलूजा के शिष्य हैं ने अपनी कथक नृत्य की मुद्राओं से दर्शकों को अपनी साधना का परिचय दिया। नितिन राइसीज ग्रुप से जुड़े हैं और उन्होंने पांच बार अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर में कथक नृत्य स्पर्धा जीती।
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नितिन एंड ग्रुप ने कृष्ण भजन कथक फ्यूजन की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन मोहिता दीक्षित ने किया। इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक भानु गुप्ता, उपनिदेशक निष्पादन एवं ललित कला बिहारी लाल शर्मा, सहायक निदेशक एनजेडसीसी रवींद्र शर्मा, सहायक निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग सुरेश कुमार, मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर, सहायक निदेशक अनिल हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल, सांस्कृतिक आयोजक जसविंदर सिंह दलीप शर्मा और शुभम ठाकुर सहित सैकड़ों दर्शक उपस्थित रहे।
उत्सव में यह कार्यक्रम होंगे
हिम संगीत उत्सव में संगीत और सुगम संगीत सहित गजल तथा लोक संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। इसमें 11 मार्च को दीपक मेहता शास्त्रीय सुगम संगीत, चारु शर्मा लोक सुगम संगीत और धर्मपाल ठाकुर की लोकगीतों की प्रस्तुति होगी। इसके बाद 12 मार्च को मलिक अली एंड ग्रुप सूफियाना कलाम पेश करेंगे, 13 मार्च को निजामी ब्रदर्स का कव्वाली गायन होगा और 14 मार्च को गुलजार हुसैन द्वारा बांसुरी वादन और संतोष नायर एंड ग्रुप की ओर से समकालीन संगीत और नृत्य की प्रस्तुति होंगी।