शहरवासियों को करंट मार रहा बिजली बिल
राजधानी में बिजली के बिल ने लोगों को फिर जोरदार झटका दिया है। जनवरी के बाद मार्च में जारी हुए बिल में फिर से भारी वृद्धि हुई है। तीन से चार गुणा ज्यादा बिजली बिल आने से लोगों के होश उड़ गए हैं।
शहरवासियों का कहना है कि नए मीटर लगाने के बाद बिल 900 रुपये से 9000 रुपये तक पहुंच गए हैं। बंद पड़े घरों के बिल भी एक हजार रुपये से कम नहीं है।
न्यू शिमला सेक्टर एक निवासी पवन कुमार, सुमन लता, बीसीएस के पीयूष कुमार, खलीणी के हुक्म सिंह, टुटीकंडी के रमन शर्मा ने सरकार से शहर में लगाए गए नए मीटरों को बदलने की मांग उठाई है।
इनके लिए भी बिल बना मुसीबत
विकासनगर में रहने वाली पूनम सूद का कहना है कि नए मीटर लगने से पहले इनका औसतन बिल 200 से 250 रुपये आता था लेकिन नए मीटर लगाने के बाद जनवरी में 1000 रुपये और मार्च में 2200 रुपये बिल आया है।
पूनम सूद का कहना है कि दिन भर तो आफिस में होते हैं। इतनी अधिक खपत तो हो ही नहीं सकती।
रीडिंग में गड़बड़ी की करें शिकायत
यदि मीटर में दी गई रीडिंग और बिल में दर्शाई गई रीडिंग में अंतर है या तीन से चार माह का बिल एक साथ आया है तो संबंधित दफ्तर में शिकायत करें।
रीडिंग गलत होने की जांच होगी। देरी से बिल भेजने की बात सामने आने पर यूनिट्स को तीन से चार माह में भाग कर कम स्लैब में ऐडजस्ट किया जाएगा।
यदि किसी उपभोक्ता को शिकायत करने के बाद भी संतुष्टि नहीं है और अधिक बिजली बिल आने की शिकायत लगातार जारी है तो इन उपभोक्ताओं के घरों में बिजली बोर्ड नए मीटरों के साथ रैफरेंस मीटर लगाएगा। रैफरेंस मीटर नए लगाए गए मीटरों की रीडिंग पर नजर रखेगा।
खुद भी करवा सकते हैं मीटर की जांच
अगर बिजली के बिलों में फिर भी वृद्धि जारी है तो उपभोक्ता स्वयं भी अपने बिजली मीटरों की जांच करवा सकता है। बोर्ड कर्मी मौके पर जाकर मीटर खोलेंगे और उपभोक्ता के सामने उसे सील बंद कर जांच के लिए लैब में भेजेंगे।
इस अवधि के दौरान दूसरा मीटर लगाया जाएगा। उधर, नए मीटरों की जांच के आदेश देने के बाद बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं से किस्तों में बिल लेने की सुविधा भी दी है।
बोर्ड के आदेशों के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल ज्यादा हैं, वे अब किस्तों में भी बिल का भुगतान कर सकते हैं। बिलिंग में कोई गलती है तो उपभोक्ताओं पर सरचार्ज भी नहीं लगेगा।
14 शहरों में अभी नहीं लगेंगे नए मीटर
शिमला, सोलन, बद्दी, नाहन, पांवटा साहिब, कुल्लू, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, सुंदरनगर, धर्मशाला, योल, चंबा और ऊना के मीटर बदलने की प्रक्रिया को स्थगित किया है।
इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले बोर्ड अब कंप्यूटर में बदले गए मीटरों का संबंधित डाटा पूरी तरह से अंकित करेगा। इसके बाद ही दोबारा से मीटर बदलने का काम शुरू करेगा।