{"_id":"61659a8b8ebc3e05e80ba4e8","slug":"highway-connecting-eight-districts-in-shimla-s-ghandal-restored-after-29-days-vehicles-run-from-bailey-bridge","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी राहत: शिमला के घंडल में आठ जिलों को जोड़ने वाला हाईवे 29 दिन बाद बहाल, बैली ब्रिज से दौड़े वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी राहत: शिमला के घंडल में आठ जिलों को जोड़ने वाला हाईवे 29 दिन बाद बहाल, बैली ब्रिज से दौड़े वाहन
Tue, 12 Oct 2021 07:56 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 12 Oct 2021 07:56 PM IST
सार
आठ जिलों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर बैली ब्रिज निर्माण का कार्य सोमवार देर शाम को ही पूरा कर लिया गया था। सोमवार को पुल का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू की गई। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के मेकेनिकल डिवीजन ढली और धामी के अधिकारियों के साथ 30 मजदूरों ने दिन-रात काम कर इस सड़क को बहाल किया है। पुल निर्माण पर 1.30 करोड़ का खर्च आया।
विज्ञापन
घंडल में आठ जिलों को जोड़ने वाला हाईवे बहाल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में घंडल के पास 13 सितंबर को भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हुए नेशनल हाईवे-205 पर 29 दिन बाद यातायात बहाल कर दिया गया। यहां स्थापित किए गए बैली ब्रिज पर मंगलवार दोपहर बाद बसों और वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। इस बैली ब्रिज को 16 दिन में तैयार किया गया। 180 फीट लंबे इस पुल के ऊपर से 20 टन से ज्यादामाल से लदे वाहन नहीं जा सकेंगे। खाली या लोडिड ट्रक, ट्रेलर और बड़े वाहन पुराने संपर्क मार्ग से ही जाएंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: हिमाचल सरकार का फैसला: आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नहीं परोसा जाएगा मिड-डे मील
विज्ञापन
पुल के दोनों छोर पर एक-एक पुलिस कर्मचारी तैनात रहेगा। आठ जिलों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर बैली ब्रिज निर्माण का कार्य सोमवार देर शाम को ही पूरा कर लिया गया था। सोमवार को पुल का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू की गई। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के मेकेनिकल डिवीजन ढली और धामी के अधिकारियों के साथ 30 मजदूरों ने दिन-रात काम कर इस सड़क को बहाल किया है। पुल निर्माण पर 1.30 करोड़ का खर्च आया।
विज्ञापन
ट्रकों, भारी वाहनों की इन सड़क मार्ग से होगी आवाजाही
एनएच पर बने इस पुल से ट्रकों की आवाजाही न किए जाने के फैसले के साथ ही प्रशासन ने ट्रकों की आवाजाही के लिए रूट तय किए हैं। इसके मुताबिक लोअर हिमाचल की ओर से आने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को बंगोरा से कालीहटटी-नालहट्टी- घणाहट्टी होकर भेजा जाएगा, जबकि शिमला से लोअर हिमाचल के लिए घणाहट्टी से रूगड़ा-कोहबाग-गलोग होकर भेजा जाएगा।
29 सितंबर को शुरू हुआ था ब्रिज निर्माण कार्य
25 सितंबर को जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के मौके पर आने के बाद बैली ब्रिज निर्माण का कार्य लोनिवि को सौंपा गया। इसके बाद धामी बीएंड आर डिवीजन ने 27 सितंबर को एक छोर के पुल का बेस तैयार किया, उसके बाद 29 को दूसरी ओर का आधार बना दिया गया था।
घंडल के पास क्षतिग्रस्त एनएच मंगलवार को बहाल कर दिया है। लोनिवि के इंजीनियर इन चीफ को मौके पर भेजा गया है। मंगलवार दोपहर तक पुल के आकलन के बाद ही वाहन पुल के ऊपर से भेजे गए। - सुभाशीष पांडा, प्रधान सचिव, लोनिवि
पुल से अपराह्न 4:30 बजे वाहनों की आवाजाही शुरू की गई। पहले इस पुल पर जेसीबी भेजी गई, उसके बाद डोजर और फिर छोटी और बड़ी गाड़ियां भेजी गईं। 16 दिन में पुल तैयार किया गया है।
- डीएस देहल, ईएनसी लोनिवि