Himachal: हाईकोर्ट की कृषि विवि पालमपुर को चेतावनी... दो हफ्ते में फैसला लागू करने को कहा
प्रदेश हाईकोर्ट ने विवि कर्मचारियों को पूरा वेतन, बकाया और जूनियर टेक्नीशियन ग्रुप-4 के पदनाम से संबंधित निर्देशों की अनुपालना न करने पर चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रबंधन को चेतावनी दी है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विवि कर्मचारियों को पूरा वेतन, बकाया और जूनियर टेक्नीशियन ग्रुप-4 के पदनाम से संबंधित निर्देशों की अनुपालना न करने पर चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रबंधन को चेतावनी दी है। अदालत ने इस बात पर भी गंभीर आपत्ति जताई कि आदेश के बावजूद संबंधित रजिस्टर कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने विवि प्रशासन को फैसले को लागू करने के लिए 17 मार्च तक का अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने साफ कर दिया है कि यदि दो सप्ताह के भीतर फैसले को पूरी लागू नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारी रजिस्टर को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष हाजिर होना पड़ेगा।
अदालत ने एचपी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लेबोरेटरी स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर निष्पादन याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि विश्वविद्यालय ने अभी तक फैसले को पूरी तरह लागू नहीं किया है। विश्वविद्यालय ने न तो कर्मचारियों को पूरा वेतन या बकाया दिया गया है और न ही जूनियर टेक्नीशियन ग्रुप-4 के पदनाम से संबंधित निर्देशों को लागू किया गया है। पिछले आदेश यानी 24 दिसंबर को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि एक महीने के भीतर बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा और पदनाम से संबंधित मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा। हालांकि, सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से यह स्वीकार किया गया कि आदेश का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है।
हाटी मामले में सरकार और विधानसभा को नोटिस, मामले की सुनवाई 22 अप्रैल को होगी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादी हिमाचल प्रदेश विधानसभा को नोटिस जारी किया है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ कर रही है। खंडपीठ ने इस मामले में सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले के साथ-साथ एक अन्य अंतरिम आवेदन पर भी दाखिल किया गया है, जिस पर भी अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है।