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शिमला के पेयजल संकट पर हाईकोर्ट में 9 मई को होगी सुनवाई
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सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश
पानी के असमान वितरण का स्थानीय निवासी ने उठाया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में गहरा रहे पेयजल संकट का मामला प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। पीने के पानी के असमान वितरण को लेकर चल रहे मामले पर हाईकोर्ट में 9 मई को सुनवाई होगी। सोमवार को कोर्ट के समक्ष मामले को सूचीबद्ध करने के लिए याचिकाकर्ता स्थानीय निवासी विजय अरोड़ा की ओर से अधिवक्ता अनूप रतन ने आग्रह किया।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने मामले को 9 मई के लिए सूचीबद्ध किया है। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया। इससे पहले मार्च 2020 में कोर्ट ने नगर निगम और शिमला जल प्रबंधन बोर्ड को शहर में जलापूर्ति में सुधार के लिए उठाए कदमों के बारे में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक नगर निगम की ओर से रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। शिमला शहर में पानी के लिए दोबारा मच रहे हाहाकार के दृष्टिगत याची ने मामले पर सुनवाई निर्धारित करने की गुहार लगाई।
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पानी के असमान वितरण का स्थानीय निवासी ने उठाया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में गहरा रहे पेयजल संकट का मामला प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। पीने के पानी के असमान वितरण को लेकर चल रहे मामले पर हाईकोर्ट में 9 मई को सुनवाई होगी। सोमवार को कोर्ट के समक्ष मामले को सूचीबद्ध करने के लिए याचिकाकर्ता स्थानीय निवासी विजय अरोड़ा की ओर से अधिवक्ता अनूप रतन ने आग्रह किया।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने मामले को 9 मई के लिए सूचीबद्ध किया है। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया। इससे पहले मार्च 2020 में कोर्ट ने नगर निगम और शिमला जल प्रबंधन बोर्ड को शहर में जलापूर्ति में सुधार के लिए उठाए कदमों के बारे में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक नगर निगम की ओर से रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। शिमला शहर में पानी के लिए दोबारा मच रहे हाहाकार के दृष्टिगत याची ने मामले पर सुनवाई निर्धारित करने की गुहार लगाई।
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