केंद्र और राज्य सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
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हाईकोर्ट के पिछले आदेशों के अनुसार मंडी में निर्माणाधीन ईएसआईसी हास्पिटल एवं मेडिकल कालेज को इस सत्र से सुचारु रूप से न चलाए जाने के मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने अधिवक्ता योगेश चंदेल द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद उक्त आदेश पारित किए।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार मंडी जिले के नेरचौक में इस कॉलेज का निर्माण कार्य वर्ष 2009 में 31 एकड़ भूमि पर शुरू किया गया था। 500 बिस्तर और 100 मेडिकल सीटों की क्षमता वाले इस कालेज के निर्माण में 750 करोड़ रुपये खर्च किये गए थे। इस कालेज का उद्घाटन 5 मार्च 2014 को किया गया था।
तीन माह में खामियां दूर करने के दिए थे आदेश
ईएसआईसी ने एमसीआई को आवेदन कर सत्र 2014-15 से कक्षाएं शुरू करने की अनुमति मांगी थी। एमसीआई ने कालेज का निरीक्षण किया और कुछ कमियां पाईं और सत्र 2014-15 से कक्षाएं शुरू करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेशों के तहत कालेज प्रबंधन को आदेश दिए थे कि एमसीआई की ओर से बताई गई खामियों को आगामी तीन माह में दूर कर असेसमेंट रिपोर्ट एमसीआई को दें।
असेसमेंट रिपोर्ट मिलने के बाद एमसीआई यदि चाहे तो फिर से इंस्पेक्शन करे और इस पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजे, जिस पर केंद्र सरकार 2 सप्ताह में कार्यवाही करे। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि ईएसआईसी इस कालेज को नहीं चलाना चाहती और राज्य सरकार इस कालेज को चलाने की इच्छा जताने के बावजूद इस कालेज को नहीं चला रही है। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई है कि इस कालेज को शीघ्र सुचारु रूप से चलाने बारे जरूरी आदेश पारित किए जाएं।