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तहसीलदार, सब-इंस्पेक्टर पर कोर्ट का चाबुक
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 03 Nov 2014 09:45 AM IST
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हाईकोर्ट के आदेशों की जान बूझकर अनुपालना न करना तहसीलदार और पुलिस सब-इंस्पेक्टर को भारी पड़ी। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए भोरंज के तहसीलदार संजय शर्मा और सब-इंस्पेक्टर जगतार सिंह को संवेदनशील कार्य न देने के आदेश राज्य सरकार को दिए हैं।
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साथ ही इन दोनों अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने यह आदेश नरोत्तम सिंह की दायर याचिका की सुनवाई के बाद पारित किए।
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अदालत को बताया गया कि जमीन विवाद में हाई कोर्ट ने स्थगन आदेश पारित किए थे। ये आदेश तहसीलदार के ध्यान में लाने के बावजूद विवादित भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई।
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जब यह मामला पुलिस के ध्यान में लाया गया तो सब-इंस्पेक्टर जगतार सिंह ने नरोत्तम सिंह के साथ मारपीट की और धमकी दी कि उसे जेल में डाल दिया जाएगा।
अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों के अवलोकन पर अदालत ने पाया कि दोनों ने जान बूझकर अंतरिम आदेश को नजरअंदाज किया। अदालत के आदेश की अवहेलना की।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मौजूदा तथ्यों के आधार पर किसी भी स्थिति में इस तरह के कर्मियों से नरमी नहीं बरती जा सकती।