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आईजीएमसी में बेसहारा मरीजों का करवाया जाए मुफ्त उपचार

Fri, 22 Oct 2021 11:09 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 11:09 PM IST
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Help Demand for IGMC
उमंग फाउंडेशन ने राज्यपाल को लिखा पत्र
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क्रॉसर
अस्पताल से जुड़ी संस्थाएं भी नहीं कर रही काम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में बेसहारा मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। मरीजों को अगर इलाज मिल भी जाए तो इनके लिए तीमारदार की व्यवस्था नहीं हो पाती।
अस्पताल में रोजाना इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में हाल ही में ऐसा मामला देखने को मिला है। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए काम करने वाली रेडक्रॉस समेत अन्य संस्थाएं काम नहीं कर रहीं। बताया कि ठियोग में एक नेपाली मजदूर जिसकी उम्र करीब पचास साल है। मजदूर की एक सप्ताह पूर्व कमरे में रखी अंगीठी से आग लगने के कारण दोनों टांगे जल गईं।
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स्थानीय युवक आशु बेक्टा और संजय बेक्टा उसे ठियोग अस्पताल लाए लेकिन यहां से उसे आईजीएमसी भेज दिया गया। यहां पर इलाज के दौरान एक टांग काट दी गई। अध्यक्ष ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के हितों को लेकर काम करने वाली संस्थाओं ने इस दौरान कुछ नहीं किया। बताया कि शुक्रवार को उन्होंने इस मामले पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को पत्र लिखा है। इसमें मरीजों के लिए मुफ्त इलाज के साथ तीमारदार और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। बताया कि जो युवक मरीज को अस्पताल लाए हैं वह अब तक सोलह हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। अस्पताल के एमएस डॉ. जनकराज ने भी मरीज की हर संभव मदद करने की बात कही है।
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