शिमला में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन से राज्य में 53 सड़कें बंद
राजधानी शिमला में शुक्रवार दोपहर बाद करीब डेढ़ घंटा झमाझम बारिश हुई। दोपहर तीन बजे से साढ़े चार बजे तक शहर में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। मूसलाधार बारिश से डेढ़ घंटे तक शहर की रफ्तार थम गई।
भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री आवास के पास देवदार का पेड़ गिर गया। ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त नहीं होने से आईएसबीटी शिमला पानी से लबालब हो गया। इससे काफी देर तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
उधर, भूस्खलन से प्रदेश में 53 सड़कें बंद रहीं। चंबा और ऊना में ग्रामीण क्षेत्रों के कई संपर्क मार्गों पर यातायात ठप रहा। शनिवार को प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
एक अगस्त तक हिमाचल में मौसम खराब बना रहने की संभावना है। शुक्रवार को शिमला को छोड़कर अन्य इलाकों में मौसम साफ रहा। गुरुवार रात को भारी बारिश के चलते शुक्रवार को प्रदेश में 53 सड़के बंद रहीं।
यातायात बहाल करने के लिए 126 मशीनें लगाई
यातायात बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर में 126 मशीनें लगाई हैं। चंबा में आधा दर्जन सड़क मार्ग प्रभावित रहे। ऊना के दूरदराज इलाकों में भूस्खलन से कई संपर्क मार्ग प्रभावित रहे।
उप तहसील जोल के तहत कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। तलमेहड़ा वाया डीहर से राजपुरा के मध्य सड़क पर बारिश होने के कारण ल्हासे गिरने से सड़क क्षतिग्रस्त हुई है।
शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 31.2, सुंदरनगर-भुंतर 30.0, कांगड़ा 28.6, चंबा 29.8, सोलन 27.5, नाहन 27.0, धर्मशाला 25.4, शिमला 21.7, कल्पा 21.2 और डलहौजी में 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
बारिश से पागलनाला में आई बाढ़ से हुआ अवरुद्ध
उधर, गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक रेणुका में 135, पांवटा साहिब 112, भोरंज 85, बंजार 54, हमीरपुर 51, जोगिंद्रनगर 42, कुमारसैन 36, सरकाघाट 35, कुफरी-नादौन 34, ऊना 29, मंडी 24, नाहन-अर्की 22, पालमपुर 15, शिमला 13 और मनाली में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
लारजी-सैंज-न्यूली मार्ग शुक्रवार को भी पागलनाला में बाढ़ आने से करीब तीन घंटे तक बंद रहा। आधा दर्जन से अधिक बसें घंटों तक फंसी रहीं। इससे पहले सैंज घाटी के ऊपरी इलाकों में हुई तेज बारिश के कारण पागलनाला में बाढ़ आ गई थी।