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AIIMS Bilaspur: एम्स बिलासपुर में चार साल से शुरू नहीं हो सकी हार्ट सर्जरी, विशेषज्ञ ने दिया इस्तीफा

Sat, 26 Oct 2024 10:13 AM IST
Krishan Singh सरोज पाठक, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
सरोज पाठक, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Oct 2024 10:13 AM IST
सार

कारण यह रहा कि चार साल के लंबे इंतजार के बाद भी विशेषज्ञ एक भी ऑपरेशन नहीं कर पाईं। अब कार्डियक सर्जरी की एक सुपर स्पेशलिस्ट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 

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Heart surgery could not be started in AIIMS Bilaspur for four years, specialist resigned
एम्स बिलासपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर के कार्डियोलॉजी विभाग में सुविधाओं के अभाव में पिछले चार साल से हार्ट सर्जरी शुरू नहीं हो पाई है। इसका नुकसान यह रहा कि विभाग में पिछले चार साल से सेवाएं दे रहीं कार्डियक सर्जरी की एक सुपर स्पेशलिस्ट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।  कारण यह रहा कि चार साल के लंबे इंतजार के बाद भी विशेषज्ञ एक भी ऑपरेशन नहीं कर पाईं। एम्स बिलासपुर की एक कार्डियक सर्जन डॉक्टर लक्ष्मी कुमारी सांख्यान ने संस्थान में कार्डियोथोरेसिक सर्जरी शुरू करने के लिए विभाग में सुविधाओं, कर्मचारियों की कमी के कारण इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर ने एम्स नई दिल्ली से हृदय शल्य चिकित्सा में शल्य चिकित्सा की मास्टर (सुपर स्पेशलाइजेशन) की डिग्री प्राप्त की थी। 

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मरीजों को किया जाता है पीजीआई चंडीगढ़ रेफर
विशेषज्ञ को प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में इसलिए नियुक्ति मिली थी ताकि बाईपास ऑपरेशन, जन्मजात हृदय दोष (हृदय में छेद), हृदय वाल्व ऑपरेशन, फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी वाले हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को प्रदेश के अंदर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। इसी के उद्देश्य से 2020 में एम्स बिलासपुर के कार्डियक विभाग की टीम में उन्हें शामिल किया था। 2020 के बाद 2024 तक विशेषज्ञ ने चार साल ऑपरेशन शुरू होने का इंतजार किया। संस्थान में कार्डियोथोरेसिक सर्जिकल प्रक्रिया शुरू करने की भी कोशिश की, लेकिन पर्याप्त उपकरण, स्टाफ न मिलने की कमी के कारण यहां पर यह सुविधा शुरू करने में कामयाब नहीं हुईं। वहीं अब जब विशेषज्ञ की डिग्री का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पाया तो उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बताते चलें कि विभाग वर्तमान में केवल ओपीडी चलाता है। मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता है।
 

कार्डियोलॉजी विभाग में तीन विशेषज्ञ कार्यरत
एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में तीन विशेषज्ञ कार्यरत हैं। विभाग में पिछले चार साल से विशेषज्ञ ओपीडी में सेवाएं दे रहे हैं। करीब 520 मरीजों की जांच ओपीडी में हुई है। सर्जरी शुरू करने के लिए उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। उपकरण खरीद की प्रक्रिया पूरी करने में समय लग रहा है। इस कारण सर्जरी शुरू नहीं हो पाई है। कोशिश है कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर विभाग में सर्जरी की सुविधा शुरू की जाए। एम्स प्रबंधन, बिलासपुर
 

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कई विभागों को अब तक नहीं मिले हैं विशेषज्ञ
एम्स बिलासपुर के कई अहम विभाग इसलिए शुरू नहीं हो पाए हैं क्योंकि उन्हें अभी तक विशेषज्ञ नहीं मिल पा रहे हैं। एम्स प्रबंधन इन पदों को भरने के लिए कई बार विज्ञापन भी प्रकाशित कर चुका है। अब तक इन पदों को नहीं भरा जा सका है। वहीं अब कार्डियक सुपर स्पेशलिस्ट का इस्तीफा देने से सेवाएं प्रभावित होंगी।

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