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Shimla News: केएनएच में एक बेड पर दो गर्भवती महिलाएं, संक्रमण का बढ़ा खतरा
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अस्पताल में स्पेशल वार्ड लेने वालों की भी वेटिंग शुरू
स्थिति बनी चिंताजनक, तीमारदारों ने व्यवस्था का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में फिर एक बेड पर दो प्रसूता और नवजात शिशुओं को एडमिट किया जा रहा है। इससे प्रसूता महिलाओं और नवजात में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इन दिनों हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में स्पेशल वार्ड भी फुल हैं। इस कारण स्पेशल वार्ड लेने वालों की भी अब वेटिंग शुरू हो गई है। डिलीवरी मामले बढ़ने के बाद अस्पताल में गायनी वार्ड में भी प्रसूताओं और शिशुओं भर्ती करना शुरू कर दिया है।
वर्तमान में 224 बेड हैं। इनमें अधिक प्रसूताओं को भर्ती किया जा चुका था। इससे वार्ड में स्थिति चिंताजनक बन गई है। अगर हालात ऐसे ही रहते हैं तो आगामी दिनों में प्रसूताओं और नवजात को कोई गंभीर परेशानी आ सकती है। डिलीवरी के बाद जहां जच्चा और बच्चा दोनों को संक्रमण से बचाने के लिए साफ-सफाई और विशेष देखभाल की जरूरत होती है वहीं एक ही बेड पर दो-दो प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को रखने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसका तीमारदार विरोध कर रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में बेड की कमी खलनी शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
कोट..........
अस्पताल में अचानक से डिलीवरी के मामले बढ़े हैं। स्पेशल वार्ड भी फुल चल रहे हैं। सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रह है।
-डॉ. एसएस नेगी, चिकित्सा अधीक्षक, केएनएच शिमला
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स्थिति बनी चिंताजनक, तीमारदारों ने व्यवस्था का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में फिर एक बेड पर दो प्रसूता और नवजात शिशुओं को एडमिट किया जा रहा है। इससे प्रसूता महिलाओं और नवजात में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इन दिनों हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में स्पेशल वार्ड भी फुल हैं। इस कारण स्पेशल वार्ड लेने वालों की भी अब वेटिंग शुरू हो गई है। डिलीवरी मामले बढ़ने के बाद अस्पताल में गायनी वार्ड में भी प्रसूताओं और शिशुओं भर्ती करना शुरू कर दिया है।
वर्तमान में 224 बेड हैं। इनमें अधिक प्रसूताओं को भर्ती किया जा चुका था। इससे वार्ड में स्थिति चिंताजनक बन गई है। अगर हालात ऐसे ही रहते हैं तो आगामी दिनों में प्रसूताओं और नवजात को कोई गंभीर परेशानी आ सकती है। डिलीवरी के बाद जहां जच्चा और बच्चा दोनों को संक्रमण से बचाने के लिए साफ-सफाई और विशेष देखभाल की जरूरत होती है वहीं एक ही बेड पर दो-दो प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को रखने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसका तीमारदार विरोध कर रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में बेड की कमी खलनी शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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कोट..........
अस्पताल में अचानक से डिलीवरी के मामले बढ़े हैं। स्पेशल वार्ड भी फुल चल रहे हैं। सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रह है।
-डॉ. एसएस नेगी, चिकित्सा अधीक्षक, केएनएच शिमला