स्वास्थ्य मंत्री सैजल बोले- नियमित नहीं होंगे एनएचएम डॉक्टर, अधिकारी और कर्मी
स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने बताया कि कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा सकता है। रेगुलर पे स्केल देने की बात हुई है। इनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सरकार चिंतित है।
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नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत हिमाचल प्रदेश में सेवाएं दे रहे डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी नियमित नहीं होंगे। केंद्रीय फंडिंग कार्यक्रम के तहत इनकी स्वास्थ्य विभाग में तैनाती हुई है। केंद्र से जो पैसा हिमाचल सरकार को मिल रहा है, उससे ही इन्हें तनख्वाह दी जा रही है। सरकार इनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए एचआर पॉलिसी बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए भी सरकार अन्य राज्यों मध्यप्रदेश, बिहार, मणिपुर और हरियाणा की पॉलिसी पर मंथन करेगी। हिमाचल में इस समय 17 कर्मचारी चिकित्सा संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं।
हड़ताल समाप्त करने के लिए इन कर्मचारियों को एक जनवरी, 2022 से नियमित पे स्केल देने की बात हुई है। यह पैसा भी केंद्रीय फंडिंग से ही मिलेगा। शुक्रवार को ये कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमीन चंद ने बताया कि कई राज्यों में मनरेगा और सर्व शिक्षा अभियान केंद्रीय फंडिंग कार्यक्रम से चल रहे हैं। इसमें सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को सरकार ने नियमित किया है। इसी पॉलिसी को अपनाते हुए सरकार एनएचएम कर्मचारियों को नियमित कर सकती है। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने बताया कि कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा सकता है। रेगुलर पे स्केल देने की बात हुई है। इनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सरकार चिंतित है।