{"_id":"5884cf084f1c1b116eefe935","slug":"health-minister-kaul-singh-thakur-statement-over-dharamshala-capital","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम की घोषणा के विरोध में उतरे कौल सिंह, दिया बड़ा बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम की घोषणा के विरोध में उतरे कौल सिंह, दिया बड़ा बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Mon, 23 Jan 2017 01:39 PM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा का राज्य सरकार के मंत्री ही विरोध करने लग गए हैं। रविवार को वरिष्ठ मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि इससे प्रदेश को कुछ लाभ नहीं होने वाला है। रविवार को प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने को लेकर मंडी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने से हिमाचल को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि राजधानी दूसरी हो या तीसरी, इसका कोई लाभ नहीं होने वाला है, बल्कि इससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी राजधानी का विषय कैबिनेट में आएगा और उसके बाद ही राजधानी की रूपरेखा तय होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजधानी के खर्चों पर सारा विचार कैबिनेट में ही किया जाएगा।
विज्ञापन
ये उल्लेखनीय है कि शनिवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता कुलदीप सिंह राठौर ने भी सोशल मीडिया पर कमेंट जारी कर सरकार के धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने के फैसले का विरोध किया था। इस पर बहस चला दी थी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने शीत प्रवास के दौरान धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने का एलान किया था।
विज्ञापन
बद्दी में बनेगा देश का तीसरा बल्क ड्रग हब
सोलन के बद्दी में देश का तीसरा बल्क ड्रग (दवाई बनाने का कच्चा माल) हब बनेगा। यहां दवाई, फार्मा एवं चिकित्सा उपकरण बनाने का कच्चा माल तैयार होगा। मंडी में केमिस्ट एसोसिएशन की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने कहा कि सरकार ने केंद्र को बल्क हब बनाने का प्रोजेक्ट स्वीकृति को भेजा था।
इसे केंद्र ने मंजूरी दे दी है। वर्तमान में हैदराबाद और अहमदाबाद में बल्क हब चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीबीएन क्षेत्र में देश की 100 प्रतिशत में से 30 प्रतिशत दवाइयों का उत्पादन होता है। देश सहित विश्व के लगभग 160 देशों में हिमाचल में बनी दवाएं निर्यात होती हैं।
इसलिए सरकार ने बद्दी क्षेत्र में बल्क हब बनाने की योजना बनाई है। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। इसके लिए जैसे-जैसे कंपनियों निवेश को आगे आएं, वैसे-वैसे हब का विस्तार किया जाएगा। कहा कि वर्तमान में ड्रग बनाने का कच्चा माल चीन से आयात किया जा रहा है। इसके हिमाचल के फार्मा उद्योगों को भारी राशि देनी पड़ रही है। बद्दी में बल्क हब बनने से फार्मा उद्योगों को राहत मिलेगी।
केमिस्ट एसोसिएशन के प्रयासों को सराहा
स्वास्थ्य मंत्री ने हिमाचल केमिस्ट एसोसिएशन के पर्ची पर स्टैंड लगाने के प्रयोग की सराहना की। कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए एसोसिएशन ने मरीज की पर्ची पर दवाई खरीदने के बाद मुहर लगाने का फैसला लिया है। इसे पूरे प्रदेश में लागू करें। इसकी शुरूआत मंडी से होगी।
उल्लेखनीय है कि कई लोग दवाओं का प्रयोग नशे के लिए करते हैं। एक पर्ची पर दस दवाओं की दुकानों से ड्रग्स ले लेते हैं। इसे रोकने को एसोसिएशन पहली बार ही दवाई लेने के बाद पर्ची पर मुहर लगा देगी। इससे वह व्यक्ति उस पर्ची पर दूसरी जगह दवाई नहीं खरीद पाएगा।
डॉक्टरों से हिंसक घटनाओं पर बनेगा कानून
डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर पत्रकारों के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों के साथ आए दिन हो रही हिंसक घटनाटओं को लेकर सरकार एक एक्ट बनाने जा रही है। एक्ट को विधानसभा में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के डॉक्टरों से हड़ताल पर न जाने का आग्रह किया है। बर्फबारी होने पर भी डॉक्टरों को अपना स्थान न छोड़ने के निर्देश दिए हैं।