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अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां न मिलने पर जवाब तलब
Wed, 26 Jun 2019 10:24 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 26 Jun 2019 10:24 AM IST
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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां न मिलने के मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और निदेशक से जवाब मांगा है। पूछा गया है कि विभाग के स्टोर में लाखों की दवाइयां हैं लेकिन इन्हें उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा रहा। इसके अलावा आधा दर्जन मेडिकल कॉलेजों में सिटी स्कैन मशीनें लगाने में देरी पर भी रिपोर्ट तलब की गई है।
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बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने सिटी स्कैन मशीन के नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए हैं। 4 जुलाई तक टेंडर खोले जाने हैं। आईजीएमसी में कई सप्ताह से सिटी स्कैन मशीन खराब है। प्रदेश सरकार अब इस मशीन को बदलने जा रही है। अस्पतालों में प्रतिदिन दर्जनों मरीजों सिटी स्कैन करने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें सिटी स्कैन कराने के लिए निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
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प्रदेश सरकार ने अस्पताल प्रशासन से दवाइयाें का रिकॉर्ड भी मांगा है। विशेष सचिव स्वास्थ्य निपुण जिंदल ने बताया कि मशीनों के टेंडर पहले रद्द हो गए थे। अब नए सिरे से आवेदन मांगे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा है कि जिन जिलों के अस्पतालों में दवाइयों का कोटा नहीं है, उन्हें दवाइयां भेजने को कहा गया है। अफसरों से इस बाबत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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