इस सत्र से ये नहीं विषय पढ़ेंगे 9वीं-10वीं के विद्यार्थी, जानिए वजह
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हिमाचल के स्कूलों में नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र से हेल्थकेयर विषय नहीं पढ़ाया जाएगा। आरएमएसए के तहत चलने वाले इस विषय को केंद्र सरकार से बजट जारी न होने के कारण बंद करना पड़ा है।
अब यह विषय केवल 11वीं और 12वीं के बच्चे ही पढ़ पाएंगे। प्रदेश के सभी जिलों के कुछ स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा के तहत बच्चों को हेल्थकेयर विषय पढ़ाया जाता है। नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों को यह विषय पढ़ाया जाता है।
इसके तहत बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी मुहैया करवाई जाती है। अब नए शैक्षणिक सत्र में नौवीं तथा दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए हेल्थकेयर विषय नहीं पढ़ाया जाएगा।
इस विषय को केवल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में ही शुरू किया गया है। दूसरी ओर, इस विषय के साथ एक अन्य सब्जेक्ट भी जोड़ा गया है। अब हेल्थकेयर विषय बंद होने से उस स्कूल में केवल एक ही विषय रह जाएगा।
आपातकाल में उपचार देने का ज्ञान सीखते हैं बच्चे
सूत्रों के अनुसार आने वाले तीन सालों में यह सब्जेक्ट पूरी तरह बंद हो सकता है, क्योंकि जिस तरह आरएमएसए ने नौवीं और दसवीं कक्षा में इस विषय में दाखिला लेना बंद कर दिया है, उसी तरह आने वाले तीन सालों में 11वीं और 12वीं में भी बच्चों का इस विषय में दाखिला लेना बंद कर देंगे।
आरएमएसए के प्रदेश प्रोजेक्ट अधिकारी आशीष कोहली ने कहा कि केंद्र सरकार से हेल्थकेयर विषय के लिए बजट जारी न होने से इस सत्र में नौवीं व दसवीं कक्षा के बच्चों को यह विषय नहीं पढ़ाया जाएगा। केवल 11वीं तथा 12वीं के बच्चों को ही यह विषय पढ़ाया जाएगा।
हेल्थकेयर विषय में बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित और आपातकाल में दिए जाने वाले उपचार सहित अन्य जानकारी दी जाती थी। इस विषय के तहत हर दो माह बाद बच्चों को सरकारी व निजी अस्पतालों का दौरा करवाया जाता था।
बच्चों को आपातकाल के समय रोगी को दिए जाने वाले उपचार के बारे में बताया जाता था। इसके अलावा अस्पताल में मरीजों का बिस्तर बनाना, खाने-पीने के बारे में अवगत करवाना व अस्पताल व लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित अन्य विषयों की जानकारी दी जाती है।