Himachal News: हर्षवर्धन चौहान बोले- विधायक प्राथमिकता की जल्द बनेंगी डीपीआर
विधायक दलीप ठाकुर और लोकेंद्र कुमार ने प्रश्नकाल के दौरान मामला उठाते हुए कहा कि विधायक प्राथमिकता के तहत बीते वर्ष जो योजनाएं दी गई थीं, उन पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि विधायक प्राथमिकता की डीपीआर जल्द बनेंगी। डीपीआर बनाने में दस माह का समय लगता है। सभी संबंधित विभागों को डीपीआर जल्द बनाने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक दलीप ठाकुर और लोकेंद्र कुमार ने प्रश्नकाल के दौरान मामला उठाते हुए कहा कि विधायक प्राथमिकता के तहत बीते वर्ष जो योजनाएं दी गई थीं, उन पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
3700 करोड़ रुपये का टेंडर अवार्ड करने का मामला विचाराधीनशिमला। उद्योग मंत्री ने बताया कि बिजली बोर्ड की ओर से बिजली सिस्टम में सुधारीकरण के लिए आरडीएसएस के तहत कुल 3700.69 करोड़ रुपये के टेंडर को जल्द अवार्ड कर दिया जाएगा। यह मामला बोर्ड के विचाराधीन है।
विधायक सुखराम चौधरी के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ने बताया कि आरडीएसएस के तहत स्मार्ट मीटरिंग कार्यों के लिए निविदाएं अगस्त 2022 तथा अक्तूबर 2022 में आमंत्रित की गई थीं। बोलीदाताओं के योग्यता शर्तों को पूरा न करने के कारण इसे रद्द करना पड़ा। तीसरी बार निविदाएं अप्रैल 2023 को आमंत्रित की गई हैं, जिनका तकनीकी और वाणिज्यिक मूल्यांकन करने के बाद मामला बिजली बोर्ड के निदेशक मंडल के अनुमोदन के लिए प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि लॉस रिडक्शन कार्यों के लिए अगस्त 2022 को आमंत्रित निविदाएं प्रशासनिक कारणों से फरवरी 2023 को रद्द कर दी गई थीं। इसके बाद मई 2023 में निविदाएं दोबारा आमंत्रित की गईं। इन्हें मूल्यांकन के बाद बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने का मामला प्रक्रियाधीन है।
अनुबंध का सेवाकाल पेंशन देने के लिए नहीं जोड़ा जाता
शिमला। भाजपा विधायक लाेकेंद्र कुमार के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि अनुबंध की नौकरी के सेवाकाल को पेंशन देने के लिए नहीं गिना जाता है। पेंशन प्राप्त करने के लिए दस वर्ष की नियमित नौकरी होना अनिवार्य है।
हमीरपुर आयोग से जल्द शुरू होंगी भर्तियां उद्योग मंत्री ने कहा कि हमीरपुर चयन आयोग के माध्यम से जल्द भर्तियां शुरू कर दी जाएंगी। लंबित भर्तियों के परिणाम निकालने के प्रयास जारी हैं। विधायक हंसराज के सवाल का जवाब देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि परीक्षा परिणाम निकालने के बाद कानूनी अड़चनें न आएं, इसके लिए कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। रुकी हुई कई भर्तियों में अनियमितताएं हैं। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए गंभीरता से विचार कर सशक्त प्रणाली बनाई जा रही है। विधायक हंसराज ने कहा कि आयोग तो गठित हो गया है लेकिन उसे सक्रिय नहीं किया जा रहा। कमेटियां तो गठित कर दी हैं, लेकिन भर्ती शुरू नहीं हो रही है।
एक साल में 36 मंदिरों में चढ़ा 159 करोड़ रुपये का चढ़ावा
हिमाचल प्रदेश में सरकार के अधीन 36 मंदिरों में 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक कुल 1,59,39,48,308 रुपये का चढ़ावा चढ़ा है। शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी प्रदेश सरकार ने सदन में दी। श्री चिंतपूर्णी जी में सर्वाधिक 90 करोड़ 87 लाख, श्री नयनादेवी जी में 83 करोड़ 10 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ा है। इसके अलावा शाहतलाई मंदिर समूह बिलासपुर में 9.19 करोड़, लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा 1.27 करोड़, श्री मणिमहेश भरमौर 1.13 करोड़, सेवा भारती शनिदेव मंदिर हमीरपुर 2.14 करोड़, ज्वालामुखी कांगड़ा 26.37 करोड़, बज्रेश्वरी देवी कांगड़ा 4.83 करोड़, चामुंडा मंदिर कांगड़ा 2.77 करोड़, भागसूनाग मंदिर कांगड़ा 1.72 करोड़, शिवमंदिर बैजनाथ कांगड़ा 2.59 करोड़, महाकाल मंदिर कांगड़ा 2.01 करोड़, त्रिकोलीनाथ मंदिर लाहौल-स्पीति 2.53 करोड़, हणोगी माता मंदिर मंडी 7.41 करोड़, नबाही देवी मंदिर सरकाघाट मंडी 1.04 करोड़, भीमाकाली मंदिर शिमला 8.33 करोड़, तारादेवी मंदिर शिमला 3.76 करोड़, हनुमान मंदिर जाखू शिमला 3.93 करोड़, हाटकोटी माता मंदिर जुब्बल शिमला 7.45 करोड़, महामाया बालासुंदरी सिरमौर 6.33 करोड़, शूलिनी माता मंदिर सोलन 7.56 करोड़, शिव मंदिर शिवबाड़ी ऊना में 1.23 करोड़ चढ़ावा चढ़ा है। यह चढ़ावा सरकार खर्च नहीं करती, संबंधित मंदिर न्यास मंदिर में विकास कार्याें, लंगर, कर्मचारियों के वेतन, न्यास के शिक्षण संस्थान, गोसदन संचालन के अलावा मेलों के आयोजन और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए होता है।