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गांवों में हथकरघा प्रदान कर रहा है आजीविका : बिक्रम
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गांवों में हथकरघा प्रदान कर रहा है आजीविका : बिक्रम
शिमला। हथकरघा उद्योग क्षेत्र ग्रामीण आबादी को आजीविका के अवसर प्रदान करने और गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बात उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इंदिरा गांधी खेल परिसर में युवा जागृति संगठन और नाबार्ड की ओर से आयोजित हथकरघा प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने बताया कि कोविड के समय हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहन प्रदान करने और समृद्ध विरासत को बनाए रखने तथा इनकी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नाबार्ड एवं अन्य संस्थानों को आगे आना होगा।
उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश में 89 फीसदी बुनकर इस क्षेत्र में अंशकालिक रूप में कार्य कर रहे हैं। हथकरघा क्षेत्र में लगे 13 हजार 572 परिवारों में से 13 हजार 260 हथकरघा ग्रामीण क्षेत्र से हैं। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 12 स्वयं सहायता समूहों और हथकरघा कारीगरों की ओर से तैयार उत्पाद शामिल किए हैं। मुख्य महा प्रबंधक नाबार्ड दिनेश रैना ने कहा कि प्रदेश में लगभग 60 हजार समूहों का गठन किया है। इस अवसर पर एमसी महापौर सत्या कौंडल, युवा जागृति संगठन के निदेशक सुशील शर्मा, परियोजना निदेशक ललित ठाकुर, नाबार्ड महाप्रबंधक डॉ. सुधांशु केके मिश्रा, उप महाप्रबंधक आरबीआई पितांबर अग्रवाल, राज्य स्तरीय बैंकर समिति यूको बैंक के उपमहाप्रबंधक पीके शर्मा, पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक प्रमोद दुबे, कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक श्रवण कुमार मांटा, सहायक महाप्रबंधक अनिल गर्ग, हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के महाप्रबंधक योगेश गुप्ता और सहायक महा प्रबंधक नाबार्ड संजीव शर्मा मौजूद रहे।
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शिमला। हथकरघा उद्योग क्षेत्र ग्रामीण आबादी को आजीविका के अवसर प्रदान करने और गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बात उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इंदिरा गांधी खेल परिसर में युवा जागृति संगठन और नाबार्ड की ओर से आयोजित हथकरघा प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने बताया कि कोविड के समय हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहन प्रदान करने और समृद्ध विरासत को बनाए रखने तथा इनकी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नाबार्ड एवं अन्य संस्थानों को आगे आना होगा।
उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश में 89 फीसदी बुनकर इस क्षेत्र में अंशकालिक रूप में कार्य कर रहे हैं। हथकरघा क्षेत्र में लगे 13 हजार 572 परिवारों में से 13 हजार 260 हथकरघा ग्रामीण क्षेत्र से हैं। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 12 स्वयं सहायता समूहों और हथकरघा कारीगरों की ओर से तैयार उत्पाद शामिल किए हैं। मुख्य महा प्रबंधक नाबार्ड दिनेश रैना ने कहा कि प्रदेश में लगभग 60 हजार समूहों का गठन किया है। इस अवसर पर एमसी महापौर सत्या कौंडल, युवा जागृति संगठन के निदेशक सुशील शर्मा, परियोजना निदेशक ललित ठाकुर, नाबार्ड महाप्रबंधक डॉ. सुधांशु केके मिश्रा, उप महाप्रबंधक आरबीआई पितांबर अग्रवाल, राज्य स्तरीय बैंकर समिति यूको बैंक के उपमहाप्रबंधक पीके शर्मा, पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक प्रमोद दुबे, कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक श्रवण कुमार मांटा, सहायक महाप्रबंधक अनिल गर्ग, हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के महाप्रबंधक योगेश गुप्ता और सहायक महा प्रबंधक नाबार्ड संजीव शर्मा मौजूद रहे।
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