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Shimla News: मेले में हाथ से बुनी नागा शॉल बनी लोगों की पसंद
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एक शॉल बनाने में लग जाते हैं 7 महीने
गेयटी में लगी प्रदर्शनी में दस हजार रुपये रखी है कीमत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर में आयोजित कारिगरों के मेले में नगालैंड की नागा शॉल लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। इसे कारिगरों द्वारा हाथों से कढाई करके पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है। प्रदर्शनी में इसका मूल्य 1800 से 10,000 रुपये तक निर्धारित किया है।
यह शॉल पारंपरिक रूप से नगालैंड के अंगमियों की नागा जनजाति द्वारा पहनी जाती है। परंपरागत रूप से शाॅल जनजातिय महिलाओं द्वारा बुनी जाती है। इसे हरे, लाल और काले रंग के साथ डिजाइन किया है। इसमें ऊनी कपड़े का प्रयोग किया जाता है। शॉल का नाम अंगामी बोली में लोहे के नाम से जाना जाता है। इसे बनाने वाली कारीगर यंगरेला ने बताया कि शॉल में लाल रंग दुश्मन के खून का प्रतीक माना जाता है। नीला रंग गांव के बाहरी इलाके में उगाए गए पौधों की पत्तियों से बनाया जाता है। बताया कि इस एक शॉल को बनाने में करीब छह से सात माह का समय लग जाता है। इसमें पूरा काम हाथ से किया जाता है। नगालैंड में शादी के दिन दुल्हन को इस शॉल को पहनाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस स्टॉल पर नागा जैकेट 4,500 और नागालैंड स्टोन से बना हार 650 से 1,500 रुपये में बिक रहा है।
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गेयटी में लगी प्रदर्शनी में दस हजार रुपये रखी है कीमत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर में आयोजित कारिगरों के मेले में नगालैंड की नागा शॉल लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। इसे कारिगरों द्वारा हाथों से कढाई करके पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है। प्रदर्शनी में इसका मूल्य 1800 से 10,000 रुपये तक निर्धारित किया है।
यह शॉल पारंपरिक रूप से नगालैंड के अंगमियों की नागा जनजाति द्वारा पहनी जाती है। परंपरागत रूप से शाॅल जनजातिय महिलाओं द्वारा बुनी जाती है। इसे हरे, लाल और काले रंग के साथ डिजाइन किया है। इसमें ऊनी कपड़े का प्रयोग किया जाता है। शॉल का नाम अंगामी बोली में लोहे के नाम से जाना जाता है। इसे बनाने वाली कारीगर यंगरेला ने बताया कि शॉल में लाल रंग दुश्मन के खून का प्रतीक माना जाता है। नीला रंग गांव के बाहरी इलाके में उगाए गए पौधों की पत्तियों से बनाया जाता है। बताया कि इस एक शॉल को बनाने में करीब छह से सात माह का समय लग जाता है। इसमें पूरा काम हाथ से किया जाता है। नगालैंड में शादी के दिन दुल्हन को इस शॉल को पहनाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस स्टॉल पर नागा जैकेट 4,500 और नागालैंड स्टोन से बना हार 650 से 1,500 रुपये में बिक रहा है।
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