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स्मार्ट सिटी से बनने वाली नई दुकानों की खुली बोली से नीलामी की तैयारी
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सब्जी मंडी में 12 की जगह बनीं 24 दुकानें, 12 की खुली बोली करवाएगा एमसी
शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी के बाजारों में बनने वाली दर्जनों नई दुकानों का किराया खुली बोली से तय किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन वर्तमान दुकानों की जगह कई अतिरिक्त दुकानें बनने के बाद खुली बोली से इनकी नीलामी कर सकता है।
इस पर नगर निगम सदन से भी अंतिम मंजूरी लेने की तैयारी है। अभी शहर में नगर निगम की दुकानों का किराया क्षेत्र और दुकान के आकार के अनुसार तय किया जा रहा है। शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नगर निगम अपनी 467 पुरानी दुकानों को तोड़कर उनकी जगह प्रीफेब तकनीक से नई दुकानें बनाने जा रहा है। पुरानी दुकानों को तोड़कर उनकी जगह बनने वाली नई दुकानों का किराया तो पुरानी दरों पर ही रहेगा। लेकिन कई जगह खाली पड़ी जमीन पर कुछ अतिरिक्त दुकानें भी नगर निगम को मिल जाएंगी। अभी शहर के सब्जी मंडी में 12 दुकानों को तोड़ा गया था। लेकिन प्रीफेब तकनीक से यहां 12 की जगह 24 दुकानें बन गई। निगम ने 12 दुकानें तो पुराने कारोबारियों को दे दीं लेकिन बाकी बची 12 दुकानों की आने वाले समय में नीलामी की तैयारी है। इसी तरह लोअर बाजार और रामबाजार में भी नई दुकानों की संख्या वर्तमान दुकानों से ज्यादा होने वाली है। निगम इन अतिरिक्त दुकानों की नीलामी कर सकता है। इनकी नीलामी से नगर निगम को वर्तमान दुकानों से कई गुना ज्यादा रेट मिल सकते हैं।
शहर में खुली बोली से नीलाम हो चुकी कई दुकानें
नगर निगम ने कुछ महीने पहले ही खाली हुई कई दुकानें खुली बोली से नीलाम की थीं। पहली बार शहर में दुकानों की खुली बोली लगी थी जिसमें निगम को चौंकाने वाले रेट मिले थे। लोअर बाजार में निगम की दुकानों का किराया 35 रुपये प्रतिवर्ग फीट है लेकिन खुली नीलामी में यह किराया 50 से सौ गुना ज्यादा मिल रहा है। ऐसे में निगम अब नई बनने वाली दुकानें भी खुली बोली से नीलाम कर सकता है।
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सदन में करेंगे चर्चा : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि नई दुकानों का किराया कैसे तय करना है, इस पर सदन में चर्चा की जाएगी। खुली बोली से अच्छा किराया निगम को मिल सकता है। सबकी सहमति से इस पर फैसला लेंगे।
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शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी के बाजारों में बनने वाली दर्जनों नई दुकानों का किराया खुली बोली से तय किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन वर्तमान दुकानों की जगह कई अतिरिक्त दुकानें बनने के बाद खुली बोली से इनकी नीलामी कर सकता है।
इस पर नगर निगम सदन से भी अंतिम मंजूरी लेने की तैयारी है। अभी शहर में नगर निगम की दुकानों का किराया क्षेत्र और दुकान के आकार के अनुसार तय किया जा रहा है। शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नगर निगम अपनी 467 पुरानी दुकानों को तोड़कर उनकी जगह प्रीफेब तकनीक से नई दुकानें बनाने जा रहा है। पुरानी दुकानों को तोड़कर उनकी जगह बनने वाली नई दुकानों का किराया तो पुरानी दरों पर ही रहेगा। लेकिन कई जगह खाली पड़ी जमीन पर कुछ अतिरिक्त दुकानें भी नगर निगम को मिल जाएंगी। अभी शहर के सब्जी मंडी में 12 दुकानों को तोड़ा गया था। लेकिन प्रीफेब तकनीक से यहां 12 की जगह 24 दुकानें बन गई। निगम ने 12 दुकानें तो पुराने कारोबारियों को दे दीं लेकिन बाकी बची 12 दुकानों की आने वाले समय में नीलामी की तैयारी है। इसी तरह लोअर बाजार और रामबाजार में भी नई दुकानों की संख्या वर्तमान दुकानों से ज्यादा होने वाली है। निगम इन अतिरिक्त दुकानों की नीलामी कर सकता है। इनकी नीलामी से नगर निगम को वर्तमान दुकानों से कई गुना ज्यादा रेट मिल सकते हैं।
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शहर में खुली बोली से नीलाम हो चुकी कई दुकानें
नगर निगम ने कुछ महीने पहले ही खाली हुई कई दुकानें खुली बोली से नीलाम की थीं। पहली बार शहर में दुकानों की खुली बोली लगी थी जिसमें निगम को चौंकाने वाले रेट मिले थे। लोअर बाजार में निगम की दुकानों का किराया 35 रुपये प्रतिवर्ग फीट है लेकिन खुली नीलामी में यह किराया 50 से सौ गुना ज्यादा मिल रहा है। ऐसे में निगम अब नई बनने वाली दुकानें भी खुली बोली से नीलाम कर सकता है।
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सदन में करेंगे चर्चा : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि नई दुकानों का किराया कैसे तय करना है, इस पर सदन में चर्चा की जाएगी। खुली बोली से अच्छा किराया निगम को मिल सकता है। सबकी सहमति से इस पर फैसला लेंगे।