वीरभद्र के लिए बाली ने दिया बड़ा बयान, पढ़िए क्या कहा
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विधानसभा चुनाव से पहले सीएम पद की रेस में रहने वाले पूर्व मंत्री जीएस बाली ने ऊना के बहडाला में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। अमर उजाला से बातचीत में बाली ने कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोश के साथ होश का भी ध्यान रखना चाहिए। आपस में मतभेद हो सकते हैं।
अनुशासन के दायरे में मतभेद जाहिर भी किए जा सकते हैं। लेकिन, पार्टी में गुटबाजी होना नुकसानदायक है। कांग्रेस का नेतृत्व गुटबाजी के खिलाफ है। कांग्रेस ने हमेशा अहिंसा का रास्ता चुना है। पार्टी में छोटे मोटे मनमुटाव हम आपस में मिल बैठकर सुलझा लेंगे। वीरभद्र सिंह की ओर से सुखविंद्र सुक्खू को हटाने की मांग के प्रश्र पर बाली ने कहा कि यह फैसला हाईकमान के अधिकार क्षेत्र का है।
जब तक संगठनात्मक चुनाव शुरू नहीं होते तब तक जो भी प्रदेशाध्यक्ष होगा, वह मनोनीत ही होगा। अगर वीरभद्र सिंह प्रदेशाध्यक्ष के लिए कोई स्पेशल क्राइटेरिया चाहते हैं तो वह इसकी मांग हाईकमान के समक्ष रख सकते हैं। कांगड़ा में लोकसभा टिकट की दावेदारी पर बाली ने कहा कि इसके लिए मीडिया को सर्वे करवाना चाहिए कि जनता किस नेता को अपने उम्मीदवार के रूप में देखना चाहती है।
वीरभद्र-सुक्खू के मनमुटाव दूर करने के लिए कई बार की मध्यस्थता
सुक्खू और वीरभद्र सिंह के बीच मनमुटाव के पश्र पर बाली ने कहा कि किसी भी मुद्दे के हल के लिए नियमित बातचीत जरूरी है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और सुक्खू के बीच मनमुटाव दूर करने के लिए मैंने भी कई बार मध्यस्थता भी की है। बाली ने कहा कि हिमाचल में इस साल बारिश से भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित लोगों को राहत राशि जल्द मिलनी चाहिए।
वीरभद्र का रुतबा ऊंचा, उनके लिए निमंत्रण कोई मायने नहीं रखता- पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को कांग्रेस सम्मेलनों में न बुलाने के प्रश्न पर बाली ने कहा कि हिमाचल में वीरभद्र सिंह का रुतबा बहुत ऊंचा है। ब्लाक स्तर के निमंत्रण उनके लिए कोई मायने भी नहीं रखते हैं। हर सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जाना संभव भी नहीं है।