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अरे वाह! बर्फीले रेगिस्तान में उगा दिए ऑर्गेनिक सेब

Sun, 24 Jan 2016 10:20 AM IST
Updated Sun, 24 Jan 2016 10:20 AM IST
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Growing organic apples in lahaul valley himachal pradesh.

समुन्द्र तल से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर ठंडे मरुस्थल लाहौल स्पीति और किन्नौर में जहां ग्लेशियरों के कारण पेड़-पौधे नहीं होते, वहां घाटी के बागवानों ने विश्व स्तर का ऑर्गेनिक सेब उगा दिए हैं। आलू और मटर के लिए दुनिया में प्रसिद्ध लाहौल घाटी अब ऑर्गेनिक सेब के लिए भी जानी जाएगी।

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खास यह है कि इस सेब को बिना कीटनाशकों के तैयार किया जा रहा है और लंबे समय तक खराब भी नहीं होता। स्पीति के काजा से किन्नौर के समदो बॉर्डर तक सैकड़ों बगीचे अब फल देने लगे हैं। चांगो, शलखर, होरलिंग, लरी, पूह, काजा, लिदांग, ताबो, रंगरीक और लारा क्षेत्र में ग्लेशियरों के बीच बगीचे तैयार हो चुके हैं।
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गुणवत्ता से भरपूर सेब से स्पीति घाटी के बागवान लाखों कमाने लगे हैं। अक्तूबर में जब सूबे में सेब सीजन अपनी समाप्ति की ओर होगा तब शीत मरुस्थल का सेब मंडियों में दस्तक देगा। रिजनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च सब-स्टेशन ताबो के प्रभारी डॉ. अरुण नेगी ने बताया कि स्पीति के बागवानों में सेब के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है।

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कोल्ड स्टोर में रखने की जरूरत नहीं

Growing organic apples in lahaul valley himachal pradesh.

शीत मरुस्थल के सेब को कोल्ड स्टोर में रखने की जरूरत नहीं होती। यह लंबे समय तक ताजा रहता है। सेब में रंग के लिए इथरायल के छिड़काव की जरूरत भी नहीं होती। रेलवे और अदानी ग्रुप भी स्पीति के सेब खरीदने को आगे आ रहे हैं। यह सेब 2500 रुपये प्रति कार्टन (20 किलो पेटी) के हिसाब से बिकता है।

यहां बगीचों में लद्दाख से लाई गोबर से बनी वर्मी कंपोस्ट खाद डाली जाती है। लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने बताया कि स्पीति की 13 में से करीब 8 पंचायतों में सेब की खेती कारगर साबित हुई है। पूह, ताबो और लरी में सेब की अत्यधिक प्लांटेशन की गई है। घाटी के बागवानों को विदेशी प्रजाति की सेब किस्में उपलब्ध करवाई जाएंगी।

बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि सिक्किम को मिले ऑर्गेनिक स्टेट के दर्जे की तर्ज पर हिमाचल की स्पीति घाटी भी ऑर्गेनिक एरिया के रूप में उभर सकती है। सरकार प्रयास करे तो सेब क्षेत्र में घाटी विश्व में प्रदेश का नाम रोशन कर सकती है। 25 सेब किस्में पोली टनल में तैयार की हैं ताबो में नौणी विवि सोलन के रिजनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च सब स्टेशन में। ये किस्में उगाईं: सुपर चीफ, स्कारलेट स्पर, रॉयल, बांस, ऑर्गेन स्पर, गेल गाला, ग्रेनी स्मिथ।

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