खुशखबरी! हिमाचल में और सस्ती हो गई बिजली
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हिमाचल के 21 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। सूबे में बिजली और सस्ती हो गई है। स्लैब बढ़ा कर नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी है।
अगले पांच साल तक बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरें बढ़ाने के विद्युत बोर्ड के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। व्यावसायिक उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए भी बिजली 20-30 पैसे प्रति यूनिट सस्ती कर दी गई है।
वीरवार को नियामक आयोग ने 2014-15 से 2018-19 के लिए नई बिजली दरें जारी कीं। नई दरें एक अगस्त 2014 से लागू होंगी।
न्यूनतम स्लैब 60 यूनिट तक किया
आयोग की ओर से जारी टैरिफ के अनुसार प्रदेश के 19 लाख घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं के न्यूनतम स्लैब को 40 यूनिट से बढ़ाकर 60 यूनिट कर दिया है।
इससे 5 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा। उन्हें प्रति यूनिट एक रुपये की दर से बिजली मिलेगी। उनका सर्विस शुल्क भी मासिक 40 से कम करके 30 रुपये कर दिया है। 125 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को कोई राहत नहीं मिली है। उन्हें पूर्व की तरह 1.30 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी।
126 से 250 यूनिट के स्लैब को बढ़ाकर अब 126 से 300 यूनिट कर दिया है। इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को 2.70 रुपये यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। 300 यूनिट से अधिक यूनिट वालों को 3.94 रुपये की दर से बिजली बिल देना होगा।
उद्योगों को भी सस्ती बिजली
20 किलोवाट तक बिजली खर्च करने वाले व्यावसायिक उपभोक्ताओं की दरों में 30, 100 किलोवाट और उससे ऊपर के उपभोक्ताओं की दरों में प्रति यूनिट 15 पैसे कमी की गई है। इसी प्रकार उद्योगों के लिए भी बिजली दरें 20 से 25 पैसे प्रति यूनिट कम की गई हैं।
विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन सुभाष नेगी का कहना है कि बिजली बोर्ड के प्रस्ताव का अध्ययन करने के बाद आयोग की ओर से नई दरें जारी की गई हैं। प्रदेश में सस्ती बिजली उपलब्ध होने के कारण दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं है।