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Himachal: सरकारें ले छावनियों की देनदारियां, तभी सिविल क्षेत्र हो सकेंगे बाहर

Thu, 04 Jul 2024 11:39 AM IST
Krishan Singh सोमदत्त शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
सोमदत्त शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Thu, 04 Jul 2024 11:39 AM IST
सार

 मंत्रालय छावनियों से सिविल क्षेत्रों को बाहर करने को तैयार है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों को छावनियों की सभी देनदारियां भी लेनी होंगी। 

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Govts should take the liabilities of cantonments, only then civil areas will be able to go out
रक्षा मंत्रालय - फोटो : Defence Ministry

विस्तार

छावनियों के सिविल क्षेत्रों को स्थानीय निकायों में मिलाने को लेकर रक्षा मंत्रालय ने नई शर्त तय की है। मंत्रालय छावनियों से सिविल क्षेत्रों को बाहर करने को तैयार है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों को छावनियों की सभी देनदारियां भी लेनी होंगी। तभी छावनियों से सिविल क्षेत्र बाहर होंगे। मंत्रालय की संपदा शाखा ने शहरी विकास (यूडी) सचिवों को नई शर्त से संबंधित पत्र भेज दिए हैं। छावनियों में पुरानी और लीज पर दी गई सभी संपत्तियां भी राज्य सरकार को मिलेंगी।

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मंत्रालय सिविल क्षेत्रों को निशुल्क बाहर करने को भी तैयार है। छावनी से सिविल क्षेत्र बाहर आने के बाद इसमें टैक्स लगाना, सुविधाएं देना राज्य सरकार का निर्णय होगा। हालांकि इसमें यह भी तय किया है कि जो क्षेत्र सेना के लिए जरूरी हैं, उन्हें बाहर करने पर दोबारा विचार होगा, चाहे वह कृषि भूमि ही क्यों न हो। बीते दिन हुई छावनियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा के दक्षिण कमान के उप निदेशक हेमंत यादव ने फिलहाल देश की 13 छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजे हैं।
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संपदा शाखा ने यह पत्र देश की 13 छावनी अधिकारियों को भेजे हैं। इनमें सैन्य स्टेशन भी हैं। इनमें महाराष्ट्र में अहमदनगर, कामठी, औरंगाबाद, खड़की, पुणे व मध्य प्रदेश में मोरार, सागर, राजस्थान में अजमेर, नसीराबाद, केरल में कन्नूर देवलाली, उत्तर प्रदेश में बबीना, कर्नाटक में बेलगाम व तेलंगाना में सिकंदराबाद शामिल है। 

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 इन छावनियों को भेजे पत्र
 रक्षा मंत्रालय से आई शर्तों के बाद राज्य सरकारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें जल्द शहरी विकास विभाग के सचिव संबंधित छावनियों के उपायुक्तों के साथ बैठक कर दोबारा रिपोर्ट बनाई जाएगी। आचार संहिता से पहले संबंधित उपायुक्त इसकी एक रिपोर्ट सौंप चुके हैं।

रक्षा मंत्रालय से नए निर्देश जारी हुए हैं। दोबारा रिपोर्ट तैयार कर सरकार के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा को भेजेंगे। हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले में बकलोह और डलहौजी, सोलन में सपाटू, कसोल, डगशाई और शिमला में जतोग छावनी क्षेत्र हैं।   - मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन

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