कर्मचारी ने फाड़ा विधायक का डीओ नोट,एसडीएम कार्यालय में हुआ खूब हंगामा
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एक सरकारी कर्मचारी ने विधायक का डीओ नोट फाड़ डाला। इसके बाद विधायक ने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय में जमकर हंगामा किया। मामला जिला मंडी के धर्मपुर का है।
जहां डीओ नोट को तरजीह न देने का आरोप लगाते हुए धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह ने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय में हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय में उनका डीओ फाड़कर फेंक दिया गया। जबकि, यह दस्तावेज दो जरूरतमंद महिलाओं को विधायक की ऐच्छिक निधि से पांच-पांच हजार रुपये देने का था।
मामले की सूचना पुलिस स्टेशन को भी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को डीओ नोट के फाड़ने की शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है।
इससे पहले विधायक ने सड़क निर्माण को लेकर कोताही बरतने के आरोप में अधिकारियों को मौके पर तलब कर लिया था। जबकि ग्रामीण भी एकत्र हो गए थे। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने ऐच्छिक निधि से रूमा देवी पत्नी ध्यान सिंह, गांव हियुण, भावना देवी पत्नी रत्न चंद गांव, हियुण को पांच-पांच हजार रुपये ऐच्छिक निधि से जारी किए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों महिलाएं बुधवार को एसडीएम कार्यालय धर्मपुर पहुंचीं। पहले उन्हें करीब तीन घंटे बाहर बिठाए रखा।
इसके बाद जब वह महिलाएं दोबारा अंदर गईं तो डीओ नोट फाड़ दिया। जिसकी सूचना उन्हें दी। वह समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। थाना प्रभारी को मौके पर बुलाकर डीओ नोट फाड़ने की शिकायत की है।
थाना प्रभारी जय लाल ने कहा कि विधायक ने डीओ नोट फाड़ने की शिकायत दी है। इस पर जांच शुरू कर दी है। मामला अभी तक किसी के खिलाफ दर्ज नहीं किया गया है।
सरकारी नियमों की नहीं की अवहेलना
डीओ नोट को डील कर रहे कर्मचारी का कहना है कि उन्होंने किसी भी सरकारी नियम की अवहेलना नहीं की है। आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को संबंधित राशि जारी कर दी गई है।