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बैठक तक सिमटी सचिवालय कर्मियों की मांगें
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 11 Aug 2014 08:53 AM IST
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सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संगठन सरकार के आला अफसरों से खफा है। बीते 10 दिन पहले सरकार के आला अफसरों ने संगठन के पदाधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर 14 मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था।
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मांगे पूरी होना तो दूर अभी तक बैठक की प्रोसीडिंग तक बाहर नहीं निकाली गई हैं। संगठन की इस बैठक में चीफ सेक्रेटरी पी मित्रा भी शामिल थे। अब संगठन के पदाधिकारी इन मांगों को लेकर एक बार फिर चीफ सेक्रेटरी से मिलने जा रहे हैं।
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सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि 30 जुलाई को सरकार के साथ बैठक हुई। इसमें 22 सूत्रीय मांग पत्र पर चर्चा हुई थी। इसमें से 14 मांगों को जायज ठहराते हुए अफसरों ने इन मांगो को लेकर अपनी सहमति जताई थी। अब मामला पेंडिंग पड़ता जा रहा है।
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ये हैं मुख्य मांगे
सचिवालय कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कर्मचारियों के लिए अलग से भर्ती एवं पदोन्नति नियम, रिक्त पदों को भरा जाना, अनुबंध आधार पर तैनात कर्मचारियों को 400 रुपये सचिवालय भत्ता।
सचिवालय के बड़े विभागों में विधि अधिकारियों की तैनाती, सचिवालय कर्मचारियों के लिए अलग से विभिन्न क्षेत्रों के लिए बसें चलाई जाना, एलडीआर को हायर स्केल देना, अनुबंध अधिकारी से नीचे नोडल ऑफिसर की तैनाती करना आदि मांगे मुख्य हैं। सरकार ने इन मांगों को जायज ठहराते हुए पूरी करने का आश्वासन दिया था।