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Shimla News: निजी बसों का टोकन टैक्स और विशेष पथ कर माफ करे सरकार
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शिमला। हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ ने प्रदेश सरकार की ओर से वैट की दरों की गई बढ़ोतरी के बाद निजी बसों का टोकन टैक्स और विशेष पथकर माफ करने की मांग की है। संघ के प्रधान रघुविंद्रा सिंह ने कहा कि का कहना है कि सरकार ने एचआरटीसी बसों में महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट दे रखी है जिसके कारण निजी बसों को सवारियां नहीं मिलती।
सरकार निजी बसों के लिए टोकन टैक्स और विशेष पथ कर माफ करती है तो निजी बसों में भी महिलाओं को 50 फीसदी छूट दी जा सकती है। डीजल पर वैट बढ़ने से बसों पर रोजाना करीब 6 से 10 हजार का अतिरिक्त खर्चा पड़ रहा है। निजी बस चालक-परिचालक यूनियन के महासचिव अखिल गुप्ता ने कहा कि बस किराया बढ़ाकर बसों में सवारियां बढ़ेंगी यह संभव नहीं है। न्यूनतम किराया बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि खुले पैसे की समस्या रहती है। एचआरटीसी के रियायती पास बंद होने चाहिए। निजी बसों के परिचालकों को अनिवार्य रूप से टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करवाई जानी चाहिए जिसमें परिवहन विभाग किराया दर्ज करें ताकि किरायों को लेकर परिचालकों और यात्रियों में होने वाले विवाद खत्म हो सके।
ब्यूरो
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सरकार निजी बसों के लिए टोकन टैक्स और विशेष पथ कर माफ करती है तो निजी बसों में भी महिलाओं को 50 फीसदी छूट दी जा सकती है। डीजल पर वैट बढ़ने से बसों पर रोजाना करीब 6 से 10 हजार का अतिरिक्त खर्चा पड़ रहा है। निजी बस चालक-परिचालक यूनियन के महासचिव अखिल गुप्ता ने कहा कि बस किराया बढ़ाकर बसों में सवारियां बढ़ेंगी यह संभव नहीं है। न्यूनतम किराया बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि खुले पैसे की समस्या रहती है। एचआरटीसी के रियायती पास बंद होने चाहिए। निजी बसों के परिचालकों को अनिवार्य रूप से टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करवाई जानी चाहिए जिसमें परिवहन विभाग किराया दर्ज करें ताकि किरायों को लेकर परिचालकों और यात्रियों में होने वाले विवाद खत्म हो सके।
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