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Shimla News: ओवरटाइम और रात्रि भत्ता जल्द दिलाए सरकार
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एचआरटीसी की ड्राइवर यूनियनों ने गेट मीटिंग के बाद प्रदर्शन कर दिया अल्टीमेटम
बोले-आने वाले दिनों में छह दिन देंगे ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ओवरटाइम और रात्रि भत्ते समेत अन्य मांगों को लेकर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ड्राइवर यूनियनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियनों ने दोनों वित्तीय लाभों की जल्द अदायगी करने की मांग की है।
गेट मीटिंग कर यूनियन ने दो टूक कहा कि मांगें पूरी न हुईं तो एक अगस्त से वर्क टू रूल के तहत काम होगा। इसके अलावा छह दिन ड्यूटी के बाद सातवें दिन छुट्टी की जाएगी। शहर के पुराने बस स्टैंड स्थित मुख्यालय के बाहर सोमवार को भारी बारिश के बीच ड्राइवर यूनियन के सैकड़ों सदस्यों ने दोपहर एक बजे इकट्ठा होकर संघर्ष की रणनीति तय की। लोकल डिपो के प्रधान लतेश कुमार ने बताया कि एचआरटीसी के एमडी ने यूनियन को वार्ता के लिए बुलाया है, लेकिन फिर भी गेट मीटिंग और प्रदर्शन को आगामी दस दिनों तक जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि से उनके भत्ते न मिलने के कारण चालक-परिचालकों को नाइट ड्यूटी के दौरान अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक तौर पर हानि का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर निगम के वरिष्ठ उपप्रधान रंजीत ठाकुर, लेजराम, धर्मवीर और पदम सिंह समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। यूनियनों का कहना है कि चालक-परिचालक अवकाश न मिलने के कारण काम के बोझ में दबे हैं।
पहली तारीख को मिले तनख्वाह
गेट मीटिंग के दौरान चालकों की भर्ती करने की मांग जोरों से उठी। इसके अलावा यूनियन ने सरकार से कहा कि सभी चालकों-परिचालकों की तनख्वाह महीने की पहली तारीख को दी जाए। इससे उन्हें परिवार के पालन-पोषण में किसी तरह की कठिनाई न हो।
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बोले-आने वाले दिनों में छह दिन देंगे ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ओवरटाइम और रात्रि भत्ते समेत अन्य मांगों को लेकर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ड्राइवर यूनियनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियनों ने दोनों वित्तीय लाभों की जल्द अदायगी करने की मांग की है।
गेट मीटिंग कर यूनियन ने दो टूक कहा कि मांगें पूरी न हुईं तो एक अगस्त से वर्क टू रूल के तहत काम होगा। इसके अलावा छह दिन ड्यूटी के बाद सातवें दिन छुट्टी की जाएगी। शहर के पुराने बस स्टैंड स्थित मुख्यालय के बाहर सोमवार को भारी बारिश के बीच ड्राइवर यूनियन के सैकड़ों सदस्यों ने दोपहर एक बजे इकट्ठा होकर संघर्ष की रणनीति तय की। लोकल डिपो के प्रधान लतेश कुमार ने बताया कि एचआरटीसी के एमडी ने यूनियन को वार्ता के लिए बुलाया है, लेकिन फिर भी गेट मीटिंग और प्रदर्शन को आगामी दस दिनों तक जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि से उनके भत्ते न मिलने के कारण चालक-परिचालकों को नाइट ड्यूटी के दौरान अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक तौर पर हानि का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर निगम के वरिष्ठ उपप्रधान रंजीत ठाकुर, लेजराम, धर्मवीर और पदम सिंह समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। यूनियनों का कहना है कि चालक-परिचालक अवकाश न मिलने के कारण काम के बोझ में दबे हैं।
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पहली तारीख को मिले तनख्वाह
गेट मीटिंग के दौरान चालकों की भर्ती करने की मांग जोरों से उठी। इसके अलावा यूनियन ने सरकार से कहा कि सभी चालकों-परिचालकों की तनख्वाह महीने की पहली तारीख को दी जाए। इससे उन्हें परिवार के पालन-पोषण में किसी तरह की कठिनाई न हो।
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