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'ट' से टेंट और 'ब' से बरसात पढ़ रहे हैं इस स्कूल के बच्चे

Wed, 16 May 2018 12:38 PM IST
अभिषेक कुमार, अमर उजाला, जौंटा (कांगड़ा)
अभिषेक कुमार, अमर उजाला, जौंटा (कांगड़ा) Updated Wed, 16 May 2018 12:38 PM IST
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Government Promary School running in tent in kangra himachal pradesh

हिमाचल के सरकारी स्कूल के बच्चे ट से टेंट और ब से बरसात पढ़ रहे हैं। ऐसा इस कारण है कि पिछले एक साल से बच्चे चार दीवारों और उस पर बांस के डंडों के सहारे डाले टेंट के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह हाल जिला कांगड़ा के शिक्षा खंड जवाली के प्राइमरी स्कूल ठेहड़ू का है।

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जयराम सरकार प्रदेश में चार नए एयरपोर्ट बनाने की बात कर रही है, लेकिन स्कूलों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ठेहड़ स्कूल का अनसेफ भवन गिरा दिया गया। दूसरे कमरे की खराब छत तो तोड़ दी लेकिन सरकार ने नया भवन या छत डालने की जरूरत नहीं समझी।
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बच्चे चिलचिलाती गर्मी में टेंट के नीचे झुलसने को मजबूर हैं तो बारिश या अंधड़ पर पानी अंदर घुस जाता है और बच्चों को छुट्टी हो जाती है। इन दिनों तूफान से बच्चे सहमे हुए हैं।

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40 बच्चों को पढ़ाने के लिए छत पर लगाया टेंट

Government Promary School running in tent in kangra himachal pradesh

एसएमसी प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि स्कूल में एक कमरा करीब 50 साल पुराना जर्जर हाल में था, उसको तोड़ दिया गया था। एक कमरा पक्का था, वह भी जर्जर था। बच्चों पर छत न गिर जाए, इसलिए उसे भी तोड़ दिया गया।

अब एक ही कमरा है और 40 बच्चों को पढ़ाने के लिए छत पर टेंट लगाया है। सरकार तक कई बार बात पहुंचाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

शिक्षा को 7044 करोड़, दो कमरों को बजट नहीं

Government Promary School running in tent in kangra himachal pradesh

जयराम सरकार ने अपने पहले बजट में शिक्षा के लिए 7044 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा प्रदेश में सभी सुविधाओं से लैस 10 आदर्श विद्या केंद्र भी खोलने का एलान किया है।

इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया है, लेकिन प्राइमरी स्कूल के दो कमरों के लिए आज तक बजट जारी नहीं हो पाया है। सूबे में साक्षरता दर भले ही 82.80 फीसदी हो, लेकिन इसमें अब सरकारी स्कूलों का योगदान कम ही लग रहा है।

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