कर्मचारियों की प्रमोशन पर ब्रेक, सरकार का बड़ा फैसला
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प्रदेश में नगर परिषद और नगर पंचायत में तैनात कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने झटका दिया है। इन कर्मचारियों को म्यूनिसिपल कैडर में शामिल किया गया है। मात्र चार श्रेणियों को ही प्रदेश कैडर में रखा गया है।
प्रदेश भर की 50 नगर पंचायतों और नगर परिषदों में कार्यरत करीब पांच हजार कर्मचारियों को म्यूनिसिपल कैडर में शामिल करने से उनकी प्रमोशन प्रभावित होगी।
प्रमोशन की राह देख रहे नप कर्मचारियों में सरकार की इस अधिसूचना से हड़कंप मचा हुआ है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में 18 जनवरी 2012 को नप कर्मचारियों को स्टेट कैडर में शामिल किया गया था।
सरकार ने जारी की अधिसूचना
लेकिन, वर्तमान कांग्रेस सरकार ने 28 जनवरी 2015 को अधिसूचना जारी कर इन्हें म्यूनिसिपल कैडर में शामिल कर दिया है। जिससे कर्मचारियों में रोष है।
इधर, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने सरकार की ओर से जारी अधिसूचना का विरोध किया है। महासंघ के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर ने कहा कि सरकार के इस फैसले से उनकी प्रमोशन प्रभावित होंगी।
लिपिक पद पर कार्य करने वाला कर्मचारी इसी पद से सेवानिवृत्त होगा। महासंघ ने इस अधिसूचना का विरोध किया है। उन्होंने सरकार से अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है।
यह है डर
कर्मचारियों का मानना है कि अगर इनका कैडर सरकार से अलग कर दिया जाता है तो ये निरंकुश व्यवस्था के तहत आ जाएंगे। राज्य सरकार का हस्तक्षेप न होने से वेतन देने में देरी हो सकती है।
इनकी प्रमोशन के मामले लटक सकते हैं। ये नगर निकायों के प्रमुखों की दया के पात्र बन जाएंगे। शहरी एवं विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि नप कर्मचारियों को म्यूनिसिपल कैडर में शामिल किया गया है।
चार श्रेणियों को स्टेट कैडर में रखा गया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। नप कर्मचारियों की अधिसूचना को निरस्त करने की मांग पर विचार किया जाएगा।