दफ्तरों में वाहन से लेकर पेन तक की ऑनलाइन होगी खरीद, नहीं चलेगी अफसरशाही की मनमर्जी
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सरकारी तंत्र में रेट कांट्रेक्ट के माध्यम से अब दफ्तरों के सामान की खरीद अफसरशाही मनमर्जी से अपने फायदे के मुताबिक नहीं कर सकेगी। कार्यालयों के लिए गाड़ी से लेकर पेन तक की खरीद अब ऑनलाइन केंद्र सरकार के जैम पोर्टल पर होगी। आम भाषा में यह जैम पोर्टल कुछ और नहीं, बल्कि फ्लिपकार्ट और अमाजोन की तरह होगा।
यहां से कार्यालय प्रभारी ऑफिस की आवश्यकतानुसार सबसे कम कीमत के सामान का आर्डर प्लेस कर सकेगा। इस पोर्टल में 50 हजार तक की सीधी परचेज डीडीओ कर सकेगा। 50 हजार से तीस लाख तक ऑनलाइन जैम पोर्टल पर ही टेंडर होगा और एल वन यानी कम रेट को सप्लाई का कांट्रेक्ट मिलेगा।
तीस लाख से ऊपर की खरीद पर ऑनलाइन बिडिंग यानी बोली लगेगी। इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रदेश भर में 6 सितंबर से 17 अक्तूबर तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को मंडी उपायुक्त कार्यालय के कांफ्रेंस हाल में जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें संयुक्त निदेशक उद्योग टीएस ने संबंधित जानकारी दी।
पंजीकरण होगा अनिवार्य
यह वेबपोर्टल भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय का है। पूर्व विभागों को अपना पंजीकरण इस जैम पोर्टल में करवाना अनिवार्य होगा। विक्रेता भी इसमें पंजीकरण करवाएंगे, जो एमएसएमई एक्ट के तहत उद्योग केंद्र से पंजीकृत हों।
डीसी ऑफिस की स्कार्पियो की पहली ऑनलाइन खरीद
जैम पोर्टल के माध्यम से तीन दिन पहले डीसी आफिस में ऑनलाइन स्कार्पियो गाड़ी की खरीद की है। बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग ने भी आर्डर दिया है। महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ओपी जरयाल ने बताया कि राज्य सरकार के सभी सरकारी विभागों में सामान क्रय करने की प्रक्रिया को पेपर लैस करने और पारदर्शिता लाने के लिए यह योजना शुरू की है।