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सावधान! हैक हो रही हैं सरकारी विभागों की वेबसाइटें

Fri, 17 Apr 2015 12:11 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 17 Apr 2015 12:11 PM IST
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govenment department website Getting hacked.

हिमाचल में सरकारी विभागों और अन्य उपक्रमों की वेबसाइटें हैक हो रही हैं। दो दिन पहले ही पर्यटन विभाग की वेबसाइट हैक हो गई। इससे पूरे सरकारी तंत्र में खलबली मच गई। कुछ अरसे से हिमाचल में कई ऐसी वेबसाइटें हैक होती रही हैं।

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इसके मद्देनजर भारत सरकार ने प्रदेश सरकार और यहां कार्यरत एनआईसी यूनिट को सिक्योरिटी ऑडिट करने के आदेश दिए हैं।

राज्य सरकार के महकमों की वेबसाइटों पर साइबर अपराधियों की नजर है। ये प्रदेश के विभिन्न विभागों की वेबसाइटों से लगातार छेड़खानी कर रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो दो दिन पहले हैकरों ने पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर कुछ उलट-पुलट लिख डाला। यह कई अन्य विभागों की वेबसाइटों पर लंबे अरसे से हो रहा है।
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सरकारी महकमे नहीं समझ रहे गंभीरता

govenment department website Getting hacked.

इसका कारण यह है कि विभाग वेबसाइटों के डायनेमिक पोर्शन का सिक्योरिटी ऑडिट नहीं करवा रहे हैं। इसके स्टेटिक पोर्शन का सिक्योरिटी ऑडिट तो एनआईसी कर रहा है, मगर डायनेमिक पोर्शन के एक बार के ऑडिट का खर्च 40 हजार रुपये से चार लाख रुपये तक का आ जाता है।

इसे यह खुद वहन नहीं कर पा रहा है। सरकारी महकमे इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। स्टेटिक पोर्शन में पीडीएफ, एचटीएमएल, जेपीईजी जैसे फाइलें होती हैं। इनका एनआईसी निशुल्क ऑडिट कर रहा है।

केवल कुछ सरकारी महकमे ही ऐसे हैं, जो एनआईसी को शुल्क चुकाकर डायमेनिक ऑडिट भी करवा रहे हैं। ये एचपीटीडीसी, स्वयंसिद्धम, ई-विधान, पर्सनल एमआईएस आदि ही हैं।

डायनेमिक पोर्शन में रोजाना या बीच-बीच होने वाली एंट्री इत्यादि आती हैं। हिमाचल सरकार की वेबसाइटों की संख्या करीब डेढ़ सौ है। इनमें से अधिकतर असुरक्षित हैं, जिन्हें कोई भी शातिर हैकर हैक करने की कोशिश कर सकता है।

स्टेट इन्फोरमेटिक अधिकारी एनआईसी अजय सिंह चहल ने कहा कि भारत सरकार से वेबसाइटों को हैक होने से रोकने के लिए सिक्योरिटी ऑडिट करवाने के निर्देश लगातार मिल रहे हैं। साल में कम से कम एक बार यह ऑडिट करवाने के लिए विभागों को कहा गया है। इसके लिए बजट की भी जरूरत पड़ेगी।

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