{"_id":"696a378ee06d7060520b83fc","slug":"golmaal-road-is-fine-for-private-buses-no-pass-for-government-buses-shimla-news-c-19-sml1002-663657-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोलमाल : निजी बसों को सड़क \nठीक, सरकारी के लिए पास नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोलमाल : निजी बसों को सड़क ठीक, सरकारी के लिए पास नहीं
विज्ञापन
चमियाना अस्पताल के लिए कर्मचारियों को किराये पर चलाई जा रही निजी बसें, मरीजों को अभी तक नहीं सुविधा
अधिकारियों का तर्क, अभी सड़क को नहीं हुई है पास
लोग बोले, तो फिर मरीजों के लिए क्यों नहीं चल रही बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना के स्टाफ के लिए शिमला शहर से 32 और 35 सीटर निजी बसें चल रही हैं। वहीं मरीज जब बस चलाने की मांग करते हैं तो कहा जा रहा है कि अभी सड़क पास नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब निजी बसें चल सकती हैं तो फिर सरकारी क्यों नहीं?
चमियाना अस्पताल के लिए रोज अस्पताल प्रबंधन द्वारा किलोमीटर के हिसाब से निजी बसें संचालित की जा रही हैं। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन हजारों रुपये खर्च कर रहा है। इस सड़क पर अगर एचआरटीसी की छोटी बसें चलती हैं तो जहां खर्च में कमी आएगी वहीं मरीजों को भी अच्छी परिवहन सुविधा मिलेगी। लोगों का कहना है कि शुरुआती दौर में चमियाना सड़क खराब और तंग थी लेकिन अब इस ढाई किलोमीटर की सड़क को डबल लेन कर दिया है। सिर्फ भट्ठाकुफर में सात सौ मीटर सड़क तंग रह गई है। अब सरकार, स्थानीय प्रशासन और परिवहन निगम रोजाना आने वाले हजारों मरीजों को राहत देना चाहे तो इस रूट पर परिवहन निगम की छोटी बसों का संचालन कर सकते हैं। सड़क के सात सौ मीटर वाले तंग हिस्से को भी दुरुस्त किया जा सकता है, इसके साथ यहां एक पुलिस कर्मी तैनात कर यातायात संचालित किया जा सकता है। इस रूट पर अभी लक्कड़ बाजार बस अड्डे, ओल्ड बस अड्डे से संजौली होकर और आईएसबीटी से मैहली होकर छोटी बसें चलाई जा सकती हैं। चमियाना तक स्टाफ को लगाई निजी बस रोज पांच से छह चक्कर शाम साढ़े आठ बजे तक लगा रही हैं। स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि मरीजों को सुविधा देने के लिए फिर से परिवहन निगम की बस का ट्रायल करें बसें चलाएं। चमियाना फैकल्टी एसोसिएशन ने उपायुक्त शिमला से सड़क के संकरे हिस्से को चौड़ा करने की मांग की है। निगम की बस की दोबारा पासिंग करवाने का आग्रह किया है।
मरीजों के लिए अभी टेंपो ट्रैवलर ही सहारा
अभी परिवहन निगम की टेंपो ट्रैवलर टैक्सी सेवा ही आम लोगों के लिए परिवहन का एक मात्र सहारा है। इसमें रोज भारी भीड़ होती है, अधिकतर बीमार लोग इसमें सफर करते हैं जिससे संक्रमण फैलने का भी खतरा है। इसके साथ टेंपो ट्रैवलर का किराया भी अधिक है। इसके अलावा आईएसबीटी से सीधे चमियाना के लिए भी टेंपो ट्रैवलर सेवा शुरू की। निगम ने इसका किराया 120 रुपये से घटाकर अब 57 रुपये प्रति सवारी कर दिया है।
विज्ञापन
लोगों की सुविधा के लिए जो संभव होगा करेंगे : एसडीएम
एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने कहा कि चमियाना सड़क पर निगम की बस की पासिंग को लेकर कोई भी आवेदन उनके पास नहीं आया है। आम जनता की सुविधा के लिए सड़क की पासिंग के कार्य के लिए जो भी संभव होगा किया जाएगा।
विज्ञापन
अधिकारियों का तर्क, अभी सड़क को नहीं हुई है पास
लोग बोले, तो फिर मरीजों के लिए क्यों नहीं चल रही बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना के स्टाफ के लिए शिमला शहर से 32 और 35 सीटर निजी बसें चल रही हैं। वहीं मरीज जब बस चलाने की मांग करते हैं तो कहा जा रहा है कि अभी सड़क पास नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब निजी बसें चल सकती हैं तो फिर सरकारी क्यों नहीं?
चमियाना अस्पताल के लिए रोज अस्पताल प्रबंधन द्वारा किलोमीटर के हिसाब से निजी बसें संचालित की जा रही हैं। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन हजारों रुपये खर्च कर रहा है। इस सड़क पर अगर एचआरटीसी की छोटी बसें चलती हैं तो जहां खर्च में कमी आएगी वहीं मरीजों को भी अच्छी परिवहन सुविधा मिलेगी। लोगों का कहना है कि शुरुआती दौर में चमियाना सड़क खराब और तंग थी लेकिन अब इस ढाई किलोमीटर की सड़क को डबल लेन कर दिया है। सिर्फ भट्ठाकुफर में सात सौ मीटर सड़क तंग रह गई है। अब सरकार, स्थानीय प्रशासन और परिवहन निगम रोजाना आने वाले हजारों मरीजों को राहत देना चाहे तो इस रूट पर परिवहन निगम की छोटी बसों का संचालन कर सकते हैं। सड़क के सात सौ मीटर वाले तंग हिस्से को भी दुरुस्त किया जा सकता है, इसके साथ यहां एक पुलिस कर्मी तैनात कर यातायात संचालित किया जा सकता है। इस रूट पर अभी लक्कड़ बाजार बस अड्डे, ओल्ड बस अड्डे से संजौली होकर और आईएसबीटी से मैहली होकर छोटी बसें चलाई जा सकती हैं। चमियाना तक स्टाफ को लगाई निजी बस रोज पांच से छह चक्कर शाम साढ़े आठ बजे तक लगा रही हैं। स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि मरीजों को सुविधा देने के लिए फिर से परिवहन निगम की बस का ट्रायल करें बसें चलाएं। चमियाना फैकल्टी एसोसिएशन ने उपायुक्त शिमला से सड़क के संकरे हिस्से को चौड़ा करने की मांग की है। निगम की बस की दोबारा पासिंग करवाने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
मरीजों के लिए अभी टेंपो ट्रैवलर ही सहारा
अभी परिवहन निगम की टेंपो ट्रैवलर टैक्सी सेवा ही आम लोगों के लिए परिवहन का एक मात्र सहारा है। इसमें रोज भारी भीड़ होती है, अधिकतर बीमार लोग इसमें सफर करते हैं जिससे संक्रमण फैलने का भी खतरा है। इसके साथ टेंपो ट्रैवलर का किराया भी अधिक है। इसके अलावा आईएसबीटी से सीधे चमियाना के लिए भी टेंपो ट्रैवलर सेवा शुरू की। निगम ने इसका किराया 120 रुपये से घटाकर अब 57 रुपये प्रति सवारी कर दिया है।
विज्ञापन
लोगों की सुविधा के लिए जो संभव होगा करेंगे : एसडीएम
एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने कहा कि चमियाना सड़क पर निगम की बस की पासिंग को लेकर कोई भी आवेदन उनके पास नहीं आया है। आम जनता की सुविधा के लिए सड़क की पासिंग के कार्य के लिए जो भी संभव होगा किया जाएगा।