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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Golden Jubilee of HP Statehood Day: Indira Gandhi announced Himachal full statehood status in 25 january 1971

HP Statehood Day: हिमपात के बीच इंदिरा गांधी ने की थी पूर्ण राज्यत्व दिवस की घोषणा

Mon, 25 Jan 2021 10:32 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 25 Jan 2021 10:32 AM IST
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Golden Jubilee of HP Statehood Day: Indira Gandhi announced Himachal full statehood status in 25 january 1971
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

जगह शिमला और दिन था 25 जनवरी 1971। बर्फ गिर रही थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बड़ी मुश्किल से अनाडेल से रिज मैदान तक पहुंची थीं। उन्होंने रिज मैदान से हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व की घोषणा की थी। उस वक्त कई संस्थाएं हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व के खिलाफ भी थीं। बावजूद इसके लंबे संघर्ष के बाद हिमाचल को पूरे राज्य का स्टेटस दिया गया। तब डॉ. यशवंत सिंह परमार हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री बने थे। 

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हिमाचल प्रदेश देश की आजादी के पूरे आठ महीने बाद 15 अप्रैल 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय के परिणामस्वरूप चीफ कमिशनर प्रोविंस के रूप में अस्तित्व में आया। महासू, मंडी, चंबा और सिरमौर को अलग-अलग जिलों का दर्जा दिया गया। उस समय हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 10,451 वर्ग मील और जनसंख्या 9,83,367 थी। वर्ष 1950 को हिमाचल को ‘सी’ स्टेट का राज्य का दर्जा देकर विधानसभा के गठन का प्रावधान कर दिया गया।

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मार्च 1952 में डॉ. परमार ने इस प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की और अपने तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया। जुलाई 1954 में बिलासपुर को हिमाचल में मिलाकर इसे प्रदेश का पांचवां जिला बनाया गया। सन 1956 में ‘स्टेट्स रिआर्गेनाइजेशन एक्ट’ लागू होने के बाद 31 अक्तूबर 1956 को हिमाचल प्रदेश विधानसभा समाप्त करके उसकी जगह यहां टेरिटोरियल काउंसिल बना दी गई। पहली नवंबर, 1956 को हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित राज्य बना। वर्ष 1963 में ‘गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटोरीज एक्ट’ पास करके पहली जुलाई 1963 को टेरिटोरियल काउंसिल को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में परिवर्तित किया गया। परिणामस्वरूप डॉ. वाईएस परमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।

सन 1966: ‘पंजाब स्टेट्स पुनर्गठन एक्ट’ पास किया गया और कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, शिमला, नालागढ़, कंडाघाट, डलहौजी आदि क्षेत्र हिमाचल में शामिल किए गए। इससे हिमाचल का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर हो गया। इसके बाद भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषायी पुनर्मिलन तो हो गया लेकिन इस प्रदेश के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना अभी शेष था। 

दिसंबर 1970 : संसद ने ‘स्टेट ऑफ हिमाचल प्रदेश एक्ट-1970 पास किया 
25 जनवरी 1971 : तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्वयं शिमला आकर यहां के ऐतिहासिक रिज मैदान में एकत्रित हजारों हिमाचलवासियों के बीच हिमाचल को पूर्ण राज्य प्रदान करने की घोषणा की। जब यह घोषणा की गई तो रिज मैदान पर बर्फ की फाहें गिर रही थीं। इस तरह हिमाचल प्रदेश भारत का 18वां राज्य बन गया। उस वक्त लेडीज पार्क में आग जलाई गई। बर्फ के बीच में ही खुशी-खुशी नाटियों पर नृत्य हुआ था। 

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