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उम्मीद खेलों में आसमां छूने की, सुविधाएं नाममात्र
सुरेश तोमर/अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
Updated Sat, 21 May 2016 10:53 PM IST
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हॉकी हॉस्टल में पूरे दिन की डाइट मनी मात्र 75 रुपये है।
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प्रदेश का माजरा कन्या हॉकी छात्रावास सीता और गीता गोसांई जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दे चुका है। यही नहीं छात्रावास टीम ने नेशनल स्तर की स्कूली हॉकी में रजत और कांस्य पदक हासिल किया है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर प्रदेश सरकार कुछ खास नहीं कर रही।
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हॉकी हॉस्टल में पूरे दिन की डाइट मनी मात्र 75 रुपये है। इस महंगाई में खिलाड़ियों को इस नाममात्र डाइट मनी से क्या खुराक मिल सकती है। इसका अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। प्रदेश में साई और भारतीय युवा सेवाएं विभाग के हॉस्टलों में इससे दोगुना डाइट मनी है।
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हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग का कन्या माजरा हॉकी छात्रावास वर्ष 1985-86 में शुरू हुआ था। छात्रावास में जमा दो स्कूल स्तर की करीब 30 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। हॉकी टीम स्कूली नेशनल हॉकी में सिल्वर और ब्रांज मेडल दिलावा चुकी है।
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75 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी से सुबह ब्रेक फास्ट, रिफ्रेशमेंट, लंच और डिन्नर मिलता है। जबकि, प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, धर्मशाला और सुंदरनगर समेत साई हॉस्टल और युवा खेल सेवाएं स्पोर्ट्स हॉस्टल में 120 से 175 रुपये डाइट तक मिलती है।
छात्रावास का उच्चीकरण और एस्ट्रोटर्फ जरूरी
प्रदेश को स्कूल हॉकी में गोल्ड मेडल दिलाने के लिए छात्रावास के कोच चंद्रशेखर काफी मेहनत करते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में नेशनल गोल्ड मेडल का सपना पूरा करना किसी भी चुनौती से कम नही है। इस छात्रावास के उच्चीकरण, एस्ट्रोटर्फ मैदान और उचित
डाइट मनी समेत बेहतर सुविधाएं होना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा में एस्ट्रोटर्फ पर खेलने का अनुभव और अभ्यास जरूरी है। तीन दशक बाद भी माजरा में एस्ट्रोटर्फ मैदान जैसी कोई सुविधा नहीं है।
नहीं मिल सका कोई भी रहनुमा
प्रदेश में तीन दशक पुराने माजरा हॉकी हॉस्टल भवन की स्थिति भी अच्छी नहीं है। आज भी इस छात्रावास को किसी रहनुमा की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी यह हॉस्टल दे चुका है। हॉस्टल को किसी कद्दावर नेता या रहनुमा की जरूरत है, जो कन्या छात्रावास को सुविधाएं मुहैया करवा सके। जिले के नेताओं ने इस छात्रावास के जीर्णोद्धार, उच्चीकरण और सुविधाओं के लिए मजबूती से आवाज नहीं उठाई है।