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जमीन के नीचे बहती है सरस्वती नदी: विजय
Wed, 13 Feb 2019 08:05 PM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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Published by: ashok chauhan
Updated Wed, 13 Feb 2019 08:05 PM IST
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भूगर्भीय कारणों से सरस्वती खुले आसमान में बहती दिखाई नहीं देती है, लेकिन यह सिद्ध हो चुका है कि आज भी जमीन के नीचे सरस्वती नदी प्रवाहित होती है। यह बात केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व निदेशक विजय मोहन कुमार पुरी ने कही।
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जीएसआई के पूर्व निदेशक ललितादित्य व्याख्यान माला में सरस्वती घाटी सभ्यता-तर्क एवं तथ्य विषय पर बोल रहे थे। कहा कि विज्ञान ने यह साबित कर दिया है कि सरस्वती नदी कभी खुले में प्रवाहित होती थी, जिससे अंग्रेजों की आर्य आक्रमण सिद्धांत की नीति झूठी साबित होती है।
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उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने फूट डालने के लिए आर्य आक्रमण सिद्धांत की नीति बनाई थी। सरस्वती नदी के प्रवाह की बात सिद्ध होने से अंग्रेजों की आर्य सिद्धांत नीति की तिथि मेल नहीं खाती है। इससे यह नीति झूठी साबित हुई है।
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कहा कि आज देश के पूरे इतिहास पर नये सिरे से शोध और विचार करने की जरूरत है। उसके लिए युवा पीढ़ी को आगे आना चाहिए और इस दिशा में शोध कार्य करना चाहिए। उन्होंने सरस्वती घाटी की सभ्यता पर भी प्रकाश डाला। व्याख्यानमाला के संयोजक डॉ जयप्रकाश सिंह, डॉ कुलदीप शुक्ल सहित सीयू के शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद रहे।