Shimla: कैदियों का बनाया फर्नीचर दिवाली पर लोगों के ड्राइंग रूम को लगा रहा चार चांद
दीपावली से पहले, सोमवार को मालरोड स्थित रोटरी क्लब टॉउनहाल में जेल में बने उत्पादों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी में आयोजित की गई।
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हिमाचल की जेलों में कैदियों की ओर से बनाया जा रहा फर्नीचर लोगों के घरों के ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ा रहा है। दीपावली से पहले, सोमवार को मालरोड स्थित रोटरी क्लब टॉउनहाल में जेल में बने उत्पादों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी में आयोजित की गई। इसमें धर्मशाला, नाहन, कंडा और कैथू जेल के कैदियों की ओर से तैयार किए विभिन्न उत्पाद थे, जिन्हें देखकर लोग कैदियों की कारीगरी के दीवाने हो रहे हैं। कैदी फर्नीचर तैयार करने में इस कदर माहिर हैं कि लोग उत्पादों के लिए एडवांस बुकिंग कर रहे हैं।
कैदियों के बनाया सामान लोगों को खूब भा रहा
कैदियों के बनाया सामान लोगों को खूब भा रहा है। हिमाचल कारागार एवं सुधार सेवाएं के महानिदेशक संजीव रंजन ओझा ने प्रदर्शनी और बिक्री का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जेलों में कैदियों के उत्थान और उन्हें समाज से जोड़ने के उद्देश्य से जेल के वर्कशॉप में विभिन्न उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने सुधार और पुनर्वास के आदर्श वाक्य पर जोर देते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य कैदियों को कौशल प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्रदान करना है।
कैदियों के पुनर्वास में मिलेगी सहायता
जेलों में कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने लोगों को प्रदर्शनी में उपलब्ध अद्वितीय पेशकशों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि यह पहल न केवल कैदियों को उनके पुनर्वास की यात्रा में सहायता करती है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर भी देती है। इस अवसर पर एआईजी जय गोपाल लोडटा, मुख्य कल्याण अधिकारी भानु प्रकाश शर्मा, कंडा जेल अधीक्षक सुशील ठाकुर और कैथू जेल उप अधीक्षक प्रकाश चंद वर्मा सहित जेल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
अलग-अलग डिजाइन के मंदिर किए जा रहे तैयार
लोगों के लिए जो फर्नीचर तैयार करवाया जाता है वह केंद्रीय कारागार कंडा और नाहन जेल से बनकर जाता है। फर्नीचर तैयार करने के साथ अब कैदी लोगों की मांग पर अलग-अलग डिजाइन की चेयर, टेबल और मंदिर तैयार कर रहे हैं। प्रदर्शनी के पहले दिन करीब एक लाख की खरीददारी हुई।
प्रदर्शनी में कैदियों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं में सागौन और शीशम की लकड़ी का फर्नीचर, शाल, जैकेट, मफरूल, स्वैटर, टोपियां, शर्ट, हाथ के तौलिये, चादरें, चाकलेट, नमकीन, केक, गुड़पारा, बिस्कुट, पेस्टी शामिल हैं। बेकरी और वेल्डिंग का सामान भी मुख्य आकर्षण केंद्र बना हुआ है। इसके अलावा यहां स्टडी टेबल, बुक रैक और बैड रूम चेयर भी रखी है। फर्नीचर का सामान लोगों को इतना भा रहा है कि खरीदने के लिए लोगों में एडवांस आर्डर देने के लिए होड़ लगी है।