{"_id":"5e68dc618ebc3eeae2465c31","slug":"fresh-snowfall-in-solang-nalla-in-kullu-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलंगनाला में ताजा बर्फबारी, जिले में डेढ़ दर्जन रूटों पर आवाजाही ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलंगनाला में ताजा बर्फबारी, जिले में डेढ़ दर्जन रूटों पर आवाजाही ठप
Wed, 11 Mar 2020 06:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/मनाली/कोकसर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/मनाली/कोकसर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 11 Mar 2020 06:12 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवभूमि कुल्लू और लाहौल में एक बार फिर से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। रोहतांग दर्रा में बुधवार दोपहर को बर्फबारी का दौर जारी रहा। कोकसर और सोलंगनाला में शाम के समय बर्फ के फाहे गिरना शुरू हुए। कुल्लू समेत निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
विज्ञापन
घाटी में बारिश होने से डेढ़ दर्जन से अधिक सड़कों पर बसों की आवाजाही ठप रही। यही हाल जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का भी है, जहां लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा। मौसम केंद्र की चेतावनी के बाद प्रशासन ने 12 और 13 मार्च को येलो अलर्ट जारी किया है।
विज्ञापन
प्रशासन ने सैलानियों के साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने को कहा है। जानकारी के अनुसार रोहतांग दर्रा में करीब 15 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी की सूचना है। इसके अलावा सोलंगनाला में पांच, कोकसर में 10, जलोड़ी दर्रा में 10 और जिला मुख्यालय केलांग में फाहे गिरने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। हालांकि बीआरओ ने मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने का काम पिछले सप्ताह से शुरू किया था, जो अब मौसम का रुख बदलने से प्रभावित हो गया है।
विज्ञापन
बर्फबारी से औट-आनी-सैंज हाईवे-305 दो सप्ताह से ठप है। अब एनएच अथॉरिटी की मौसम ने परेशानी को बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद से पहाड़ों में हिमपात और और निचले इलाकों से तेज बारिश हो रही है। उन्होंने सैलानियों के साथ लोगों को मौसम भांपकर ही वाहन चलाने की हिदायत दी है।
गुठलीधार के लिए चिंता, सेब के लिए वरदान
मार्च माह में भी मौसम के लगातार बदलाव आने से कहीं खुशी-कहीं गम का माहौल है। मलबत गुठलीधार फलों के लिए मौसम के ठंडा होना घातक माना जा रहा है। जबकि सेब समेत रबी की फसल के लिए पहाड़ों की बर्फबारी और बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। बागवानी विभाग मौसम को सेब के लिए फायदेमंद मान रहा है।
Himachal Pradesh: Solang Nalla area of Kullu district received snowfall today. pic.twitter.com/uWsO7Uugur
— ANI (@ANI) March 11, 2020