{"_id":"6669b0257fe0b72cf6058d73","slug":"fraud-case-of-bank-employee-shimla-news-c-19-sml1001-364863-2024-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बैंक प्रबंधक समेत दो अधिकारियों ने मृतक के खाते से निकाले 2.8 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बैंक प्रबंधक समेत दो अधिकारियों ने मृतक के खाते से निकाले 2.8 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक ऑफ इंडिया की मालरोड शाखा में सामने आया मामला
वर्ष 1992 में हो गई थी खाताधारक की मौत
बैंक प्रबंधन की मुस्तैदी से पकड़ा गया मामला, बैंक ने दोनों अधिकारियों को किया सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के मालरोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक समेत दो अधिकारियों पर मृतक के निष्क्रिय खाते से 2.8 लाख रुपये निकालने का आरोप लगा है। सदर पुलिस ने मामला सामने आने के बाद बैंक के तत्कालीन प्रबंधक (प्रशासन एवं सेवा) और विशेष सहायक के खिलाफ केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब 11 मार्च 2024 को बैंक के उद्यम धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रणाली ने इस निष्क्रिय खाते से हुए संदिग्ध लेन-देन को देखते हुए बैंक शाखा को इस संबंध में मेल किया। इसके बाद इस मामले की जांच हुई तो पता चला कि खाताधारक एसपी मदान की वर्ष 1992 में मृत्यु हाे चुकी है। इसके बाद लेन-देन नहीं होने की वजह से उनका खाता निष्क्रिय चल रहा है। आरोप है कि इसका फायदा उठाकर इस वर्ष मार्च में तत्कालीन प्रबंधक (प्रशासन एवं सेवा) योगेश और विशेष सहायक विजय ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पहले खाते को सक्रिय किया और इसके बाद राशि को निकाल लिया। मामला सामने आने के बाद बैंक ऑफ इंडिया ने पहले अपने स्तर पर इसकी जांच की और धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अंकुश रांगटा ने मामले की शिकायत सदर थाने में की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
वर्ष 1992 में हो गई थी खाताधारक की मौत
बैंक प्रबंधन की मुस्तैदी से पकड़ा गया मामला, बैंक ने दोनों अधिकारियों को किया सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के मालरोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक समेत दो अधिकारियों पर मृतक के निष्क्रिय खाते से 2.8 लाख रुपये निकालने का आरोप लगा है। सदर पुलिस ने मामला सामने आने के बाद बैंक के तत्कालीन प्रबंधक (प्रशासन एवं सेवा) और विशेष सहायक के खिलाफ केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब 11 मार्च 2024 को बैंक के उद्यम धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रणाली ने इस निष्क्रिय खाते से हुए संदिग्ध लेन-देन को देखते हुए बैंक शाखा को इस संबंध में मेल किया। इसके बाद इस मामले की जांच हुई तो पता चला कि खाताधारक एसपी मदान की वर्ष 1992 में मृत्यु हाे चुकी है। इसके बाद लेन-देन नहीं होने की वजह से उनका खाता निष्क्रिय चल रहा है। आरोप है कि इसका फायदा उठाकर इस वर्ष मार्च में तत्कालीन प्रबंधक (प्रशासन एवं सेवा) योगेश और विशेष सहायक विजय ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पहले खाते को सक्रिय किया और इसके बाद राशि को निकाल लिया। मामला सामने आने के बाद बैंक ऑफ इंडिया ने पहले अपने स्तर पर इसकी जांच की और धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अंकुश रांगटा ने मामले की शिकायत सदर थाने में की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।