22 लाख की धोखाधड़ी कर गायब हो गई कंपनी, शिकायत पर केस दर्ज
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हिमाचल में काम अधूरा छोड़ कर 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर कंपनी फरार हो गई है। पुलिस ने एक व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। बजौरा से कुल्लू वामतट के लिए फोरलेन का निर्माण कर रही उत्तर प्रदेश की एक कंपनी पौने 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में हुई है।
कंपनी ने फोरलेन का काम भी अधूरा छोड़ दिया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी को केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। भुंतर थाना में दर्ज की गई शिकायत में योगेश कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी सिहण, गागल, मंडी ने कहा कि उसका एक कंपनी के साथ फोरलेन निर्माण को लेकर एग्रीमेंट हुआ था।
उन्होंने एग्रीमेंट के अनुसार करीब डेढ़ माह तक काम किया। इसका करीब पौने 22 लाख रुपये अधिक पैसा बना। जब कंपनी से रुपये मांगे तो कंपनी के अधिकारी एक महीने तक टालमटोल करते रहे। एक माह तक बहाने बनाने का सिलसिला जारी रहा।
कार्यालय गए तो वहां ताला लगा हुआ पाया
उन्होंने कंपनी में अपनी जेसीबी और टिपर निर्माण कार्य में लगा दिए। उन्होंने एग्रीमेंट के अनुसार करीब डेढ़ माह तक काम किया। इसका करीब पौने 22 लाख रुपये अधिक पैसा बना।
जब कंपनी से रुपये मांगे तो कंपनी के अधिकारी एक महीने तक टालमटोल करते रहे। एक माह तक बहाने बनाने का सिलसिला जारी रहा। बाद में जब वह बजौरा स्थित उनके कार्यालय गए तो वहां ताला लगा हुआ पाया।
बाद में उसने पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 417, 418, 420, 506 और 120बी में मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई स्वरूप चंद ने कहा कि पुलिस ने शिकायतकर्ता से फोरलेन निर्माण को हुए करार के कागजात मांगे हैं। मामले में जांच जारी है। इधर, एएसपी कुल्लू एनएस नेगी ने कहा कि लाखों रुपये की इस धोखाधड़ी में पुलिस कंपनी के अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब करेगी।