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फ्रांस के इस दंपति का गजब शौक, जानेंगे तो दंग रह जाएंगे

Fri, 21 Aug 2015 12:44 PM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 12:44 PM IST
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France couple moving on foot in the mountains of himachal.

फ्रांस के पहाड़ों में भ्रमण करने वाले हजारों सैलानियों को मंजिल तक पहुंचाने का काम करने वाले रोनाल्ड और लीजा अपने देश से दूर भारत में बिना गाइड की मदद और वाहन के पैदल घूमने निकले हैं। इस यात्रा में वे भारत की संस्कृति खासकर जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को करीब से जान रहे हैं।

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फ्रांस निवासी दंपति रोनाल्ड और लीजा यहां की प्राकृतिक सुंदरता और लोगों के व्यवहार के कायल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैंपिंग की व्यवस्था जरूरी है। किन्नौर की खूबसूरत वादियों को निहारने आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों को मोटरसाइकिल और साइकिल में पहाड़ों में अमूमन देखा जाता है।

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लेह से भावानगर पैदल ही आ गए

France couple moving on foot in the mountains of himachal.

घोड़ों के साथ पैदल भ्रमण करते हुए किसी विदेशी पर्यटक को पहली बार देखा गया है। अमर उजाला ने बातचीत में उन्होंने कहा कि वे पेशे से फ्रांस में ट्रैकिंग गाइड हैं। हिंदुस्तान में पहुंच कर लेह से उन्होंने पैदल यात्रा शुरू की। लेह से सात किलोमीटर दूर स्तोक गांव में उन्होंने दो घोड़े खरीदे और अपने मकसद को पूरा करने के लिए निकल पड़े हैं।

रात्रि ठहराव के समय उन्हें खुद से ज्यादा घोड़ों की चिंता सताती है। लेह से स्पीति घाटी के मूद होते हुए किन्नौर जिले के भावानगर पहुंचने के लिए उन्हें डेढ़ महीना लगा। यह दंपति हर रोज 40 से 50 किलोमीटर पैदल सफर कर रहा है।

पहाड़ों की सुंदरता के हुए कायल

France couple moving on foot in the mountains of himachal.

फ्रांस के इस दंपत्ति कहना है कि हर घाटी में प्राकृतिक सुंदरता का अलग ही नजारा है और यहां सुकून मिलता है। यहां की सुंदरता और लोग बेहद अच्छे लगे हैं। अभी तक किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

स्पीति घाटी से किन्नौर जिले की भावावैली की ओर आते हुए पहाड़ के चारों ओर बिखरी हरी घास, पेड़ और कलकल करते झरनों से प्राकृतिक सुंदरता अपनी ओर खींच लेती है।

यहां पर्यटन की बेहद संभावना है, लेकिन कैंपिंग की कमी है। मूद से काफनू पहुंचने में 3 से 4 दिन का समय लग जाता है। वे अन्य पर्यटक स्थलों का नजारा लेते हुए उत्तराखंड तक घोड़े लेकर पैदल ही जाएंगे।

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